बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास, रोजगार सृजन, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति और औद्योगिक प्रगति को गति देने वाले कई महत्वपूर्ण एजेंडों को स्वीकृति दी गई। यह फैसले राज्य की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में मील का पत्थर माने जा रहे हैं। कैबिनेट की बैठक में पंचायती राज प्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से इलाज के लिए अनुदान देने का फैसला लिया गया है।
वहीं नीतीश सरकार ने 18 से 28 साल के एक लाख से अधिक युवाओं को आर्थिक सहायता के साथ व्यवसायिक प्रशिक्षण देने के लिए मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है। अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने बताया कि इसके तहत कौशल विकास कार्यक्रम में प्रशिक्षित या 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा, स्नातक, या स्नातकोत्तर पास युवाओं को इंटर्नशिप राशि मिलेगी। यह राशि योग्याता के अनुसार तीन से 12 महीने तक दी जाएगी। 12वीं पास या कौशल प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को चार हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। वहीं आईटीआई या डिप्लोमा धारकों को हर महीने पांच हजार रुपये और स्नातक या स्नातकोत्तर को छह हजार रुपये मिलेंगे।
कलाकारों और पारंपरिक गुरुकुल प्रणाली को मिलेगा संरक्षण
बैठक में मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना को मंजूरी दी गई, जिसके तहत राज्य के कलाकारों को ₹3000 मासिक पेंशन दी जाएगी। साथ ही, मुख्यमंत्री बिहार गुरु-शिष्य परंपरा योजना की शुरुआत की गई, जो पारंपरिक ज्ञान और कौशल को संरक्षित करने में सहायक होगी।
कृषि क्षेत्र को मिलेगा नया रोडमैप
सरकार ने चतुर्थ कृषि रोड मैप के तहत कई योजनाओं को मंजूरी दी है, जिसमें खासतौर पर ईख विकास योजना शामिल है। इसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और कृषि क्षेत्र को मजबूती देना है।
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में नए संस्थान
कैबिनेट ने अररिया जिले में नए चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी। साथ ही राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में राष्ट्रीय विज्ञान आयोग, नई दिल्ली के मानकों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया लागू करने का निर्णय लिया गया।
बुनियादी ढांचे का होगा विस्तार
जहानाबाद में ₹42 करोड़ की लागत से सिंचाई परियोजना को स्वीकृति दी गई। वहीं, माता सीता की जन्मभूमि पुनौरा धाम में 882.87 करोड़ की लागत से माता जानकी मंदिर बनेगा। इसमें 137.34 करोड़ रुपये की लागत से पुनौराधाम स्थित पुराने मंदिर को नए सिरे से विकसित किया जाएगा। 728 करोड़ रुपये खर्च करके वहां अयोध्या के राम मंदिर की तरह पर्यटन संबंधित आधारभूत संरचनाएं बनाई जाएंगी। जबकि मंदिर और परिसर के रखरखाव के लिए 10 साल तक 16.72 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से भूमि हानि की औसत दर को 41.8% से घटाकर 30.9% कर दिया गया है। इसके अलावा राज कारखाना नियमावली में भी संशोधन को मंजूरी दी गई।
सेवा विस्तार और कर्मचारी हितों पर निर्णय
सेवानिवृत्त अपर पुलिस अधीक्षक रमाकांत प्रसाद की सेवा 30 जून 2026 तक बढ़ाई गई है। वहीं, विशेष निगरानी इकाई के DIG विकास कुमार की सेवा को एक वर्ष के लिए विस्तार मिला है। राजकीय सेवाओं में कर्मियों के लिए वेतन स्तर के आधार पर न्यूनतम कालावधि में आंशिक संशोधन को भी स्वीकृति दी गई।
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चुनाव की तैयारियों पर भी फोकस
2025 में होने वाले बिहार विधानसभा आम चुनाव के लिए मतपत्रों की छपाई हेतु सरस्वती प्रेस लिमिटेड, कोलकाता को अनुमति प्रदान की गई है।