परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह के बयान पर सीएम नाराज
- फोटो : अमर उजाला
बिहार लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह अपने एक बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। बीपीएससी परीक्षा के संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने एक आपत्तिजनक कहावत सुना दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। विवाद बढ़ने के बाद परीक्षा नियंत्रक ने सफाई देते हुए माफी मांगी। हालांकि, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मामले पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है और कार्रवाई की बात कही है।
बीपीएससी की नीतियों पर सवाल
सोमवार को संवाददाताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सवाल किया कि बीपीएससी की नीतियों, परीक्षा पैटर्न में मनमानी और रिजल्ट में गड़बड़ी को लेकर अभ्यर्थी आंदोलन कर रहे हैं। इसके जवाब में परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि यदि किसी को लगता है कि आयोग गड़बड़ी कर रहा है तो वह साक्ष्यों के साथ न्यायालय का रुख कर सकता है। उन्होंने कहा कि परीक्षा और कॉपियों के मूल्यांकन की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत की गई है।
‘हाथी चले बाजार...’ कहावत बोलते ही वायरल हुआ वीडियो
इसी सवाल-जवाब के दौरान परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने एक कहावत सुनाई- “हाथी चले बाजार...”। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की बाकी बातें पीछे छूट गईं और सोशल मीडिया पर यही बयान तेजी से वायरल होने लगा। बयान को लेकर आंदोलनरत अभ्यर्थियों के बीच भी नाराजगी बढ़ गई और मामले ने तूल पकड़ लिया।
विवाद बढ़ा तो वीडियो जारी कर मांगी माफी
विवाद बढ़ने और तनातनी की आशंका के बीच परीक्षा नियंत्रक ने एक वीडियो बयान जारी किया। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि वह उक्त लोकोक्ति दूसरे संदर्भ में कह रहे थे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनकी बात से किसी को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए खेद जताते हैं।
यह भी पढ़ें:
बिहार लोक सेवा आयोग शिक्षक भर्ती परीक्षा पर बड़ा अपडेट; कब होगी TRE 4 और AEDO परीक्षा, जानें
कार्रवाई के संकेत
परीक्षा नियंत्रक के माफी वाले बयान के वायरल होने से पहले ही संवाददाता सम्मेलन का वीडियो मुख्यमंत्री सचिवालय के माध्यम से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तक पहुंच गया। मुख्यमंत्री ने मामले पर तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच और कार्रवाई की बात कही है। अब सवाल यह है कि सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने के बाद भी परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह पर कार्रवाई होती है या मामला यहीं खत्म हो जाता है।
मामले पर क्या बोले तेजस्वी यादव
तेजस्वी यादव ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर अधिकारी की टिप्पणी की निंदा करते हुए उन्हें तत्काल हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों को विरोध का अधिकार है, जबकि पेपर लीक और बेरोजगारी से छात्र पहले ही परेशान हैं। यादव ने सरकार पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्रियों और मंत्रियों से जवाब मांगा।