बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने मछुआरों के हित में एक अहम फैसला लिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए शुरू की गई नाव एवं जाल पैकेज वितरण योजना के तहत मछुआरों को नाव और जाल की खरीद पर निर्धारित इकाई लागत का 90 प्रतिशत तक सरकारी अनुदान दिया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य राज्य के मछुआरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनकी आय में वृद्धि करना है।
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया और अंतिम तिथि
इस योजना का लाभ लेने के लिए योग्य आवेदकों को 31 दिसंबर तक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट
https://fisheries.bihar.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के दौरान मोबाइल नंबर, बैंक शाखा का नाम, बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड, आधार कार्ड नंबर, बैंक खाता विवरण तथा मत्स्य शिकारमाही से संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
कौन उठा सकता है योजना का लाभ
योजना के अंतर्गत राज्य मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सदस्य और परंपरागत मछुआरे लाभान्वित होंगे। इसके साथ ही महिला मछुआएं तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के मछुआरों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। योजना में यह प्रावधान है कि एक व्यक्ति या एक परिवार अधिकतम एक ही अवयव का लाभ ले सकेगा।
नाव और जाल पैकेज का प्रावधान
योजना के तहत फिशिंग उडेन बोट पैकेज, फिशिंग एफआरपी बोट पैकेज और कॉस्ट (फेका) जाल पैकेज शामिल हैं। फिशिंग उडेन बोट पैकेज के लिए इकाई लागत 1,24,400 रुपये, फिशिंग एफआरपी बोट पैकेज के लिए 1,54,400 रुपये और कॉस्ट जाल पैकेज के लिए 16,700 रुपये निर्धारित की गई है।
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लाभुकों का चयन और क्रियान्वयन
लाभुकों का चयन उप मत्स्य निदेशक की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा। राज्य सरकार का मानना है कि इस योजना से मछुआरों को आधुनिक संसाधन मिलेंगे और उनके कार्य में सुविधा बढ़ेगी।
नाव एवं जाल पैकेज वितरण योजना का लाभ बिहार के सभी जिलों के मछुआरे उठा सकते हैं। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए लाभुक अपने जिले के मत्स्य कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।