केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने क्या कहा?
इधर, केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय से सांसद गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के पिता का अपमान केवल मल्लिकार्जुन खरगे ने नहीं किया, बल्कि यह कांग्रेस की सोच में शामिल है। उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी इस मामले में खरगे से माफी मांगने के लिए नहीं कहते हैं, तो भाजपा का आंदोलन जारी रहेगा। गिरिराज सिंह ने कहा कि जब तक राहुल गांधी और सोनिया गांधी इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी नहीं तोड़ते, तब तक कांग्रेस के विरोध में प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी से ऐसा संदेश जाएगा कि पार्टी खरगे के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने माफी मांगने की बात कही
एक दिन पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की कथित टिप्पणी को लेकर नाराजगी जताई थी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता के संबंध में कथित तौर पर अपशब्दों का इस्तेमाल किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को इस मामले में तुरंत माफी मांगनी चाहिए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति दुर्भावना दिखाने का प्रयास करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति इस तरह की टिप्पणी के साथ राजनीति करना एक तरह का अपराध है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष और राहुल गांधी से तत्काल माफी मांगने की मांग की।
रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष पर हुई थी कार्रवाई
बता दें कि रविवार शाम को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ पटना के कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। यह प्राथमिकी भाजपा नेता कृष्ण कुमार सिंह की ओर से दर्ज कराई गई है। शिकायत में खरगे पर पटना के बापू सभागार में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता के संबंध में कथित तौर पर अभद्र और अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। भाजपा नेता कृष्ण कुमार सिंह ने अपनी शिकायत में कहा है कि उन्हें 25 अक्तूबर को टेलीविजन पर प्रसारित समाचार के माध्यम से कथित टिप्पणी की जानकारी मिली। उन्होंने इसे सार्वजनिक जीवन में संवाद की मर्यादा और आपसी सम्मान के खिलाफ बताते हुए नाराजगी जताई।