राजधानी पटना में बुधवार को अलग-अलग राजनीतिक और छात्र संगठनों के प्रदर्शनों के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। एक ओर छात्र संगठन के कार्यकर्ता डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर अशोक राजपथ पर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हिंसक झड़प में बदल गई। इस दौरान लाठी-डंडे चले और पथराव भी हुआ, जिससे कई लोगों के घायल होने की सूचना है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अशोक राजपथ पर स्थिति कुछ देर के लिए पूरी तरह तनावपूर्ण बनी रही। घटना के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद थी और हालात को नियंत्रित करने की कोशिश करती रही। झड़प के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई।
भाजपा नेताओं का आरोप है कि उनके कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे थे, जहां पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया। उनका दावा है कि दूसरी ओर के लोग पहले से लाठी-डंडे और पत्थरों के साथ तैयार थे। भाजपा ने इस पूरे घटनाक्रम को सुनियोजित बताते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस दिल्ली के साथ साथ अब पटना का माहौल भी खराब करना चाह रहे हैं। इनलोगों ने साजिश के तहत ऐसा किया है। बता दें कि भाजपा वाले आज पटना में दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन के विरोध आज पैदल मार्च करने उतरे थे।
बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि हमलोग आज छात्र विरोधी और निकम्मी सरकार को नींद से जगाने आए हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। मोदी सरकार की विफलताओं और छात्र आंदोलन पर उदासीनता के खिलाफ विपक्षी सांसदों ने काले कपड़े पहनकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सत्ता का अहंकार और दमन जनता की आवाज़ को दबा नहीं सकता, क्योंकि भारत का युवा बदलाव के लिए तैयार है। वह अन्याय के सामने झुकने वाला नहीं, बल्कि लोकतंत्र, संविधान और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए दृढ़ता से खड़ा है।
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पटना की अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, विधि-व्यवस्था 02 कोमल मीणा ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हुई। इस दौरान पथराव और लाठीबाजी भी हुई, जिसमें कई लोग घायल हुए हैं और उनका इलाज कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने समय पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया और फिलहाल माहौल सामान्य है। कोमल मीणा ने कहा कि शहर में अन्य स्थानों पर भी आंदोलन होने के कारण अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हुई, लेकिन सभी स्थानों पर समय रहते पुलिस पहुंची और भीड़ को तितर-बितर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन को लेकर अनुमति ली गई थी या नहीं, इसकी पहले जांच की जाएगी। सत्यापन के बाद ही एफआईआर दर्ज करने पर निर्णय लिया जाएगा, क्योंकि बिना अनुमति किसी भी तरह का आंदोलन या जुलूस निकालने की इजाजत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें हटाने में कुछ समय लगा, जिसके बाद दोबारा शांति व्यवस्था बहाल कर दी गई।
इधर, भाजपा के जिला अध्यक्ष रूपनारायण मेहता ने पाटलिपुत्र थाना में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि 22 जुलाई 2026 को अनुमंडलाधिकारी की अनुमति से कुर्जी मोड़ से सदाकत आश्रम तक निकाले जा रहे भाजपा के प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ईंट-पत्थर, लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। शिकायत में कहा गया है कि इस हमले में भाजपा के कई कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए, जिनका इलाज कुर्जी होली फैमिली अस्पताल में चल रहा है। शिकायत में कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम लेते हुए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
इधर, भाजपा के जिला अध्यक्ष रूपनारायण मेहता ने पाटलिपुत्र थाना में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि 22 जुलाई 2026 को अनुमंडलाधिकारी की अनुमति से कुर्जी मोड़ से सदाकत आश्रम तक निकाले जा रहे भाजपा के प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ईंट-पत्थर, लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। शिकायत में कहा गया है कि इस हमले में भाजपा के कई कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए, जिनका इलाज कुर्जी होली फैमिली अस्पताल में चल रहा है। शिकायत में कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम लेते हुए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।