बिहार में राजस्व सेवा के अधिकारियों का हड़ताल जारी है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारी और मंत्री लगातार हड़ताली अधिकारियों से काम पर लौटने की अपील कर रहे है लेकिन यह लोग अपनी मांगों पर अड़े हैं। राजस्व कार्यों को पटरी पर लाने के लिए डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने अन्य अधिकारियों को हड़ताली अधिकारियों की जिम्मेदारी सौंपी है। पटना जिला प्रशासन ने जिले के सात अंचलों में कार्यरत बिहार राजस्व सेवा के पदाधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। यह व्यवस्था एक अप्रैल 2026 से प्रभावी कर दी गई है।
BDO को वैकल्पिक रूप से जिम्मेदारी दी गई
दरअसल, पटना जिले में पाटलिपुत्र, पुनपुन, बिहटा, पटना सिटी और मोकामा को छोड़कर अधिकांश अंचलाधिकारी नौ मार्च 2026 से सामूहिक अवकाश (हड़ताल) पर हैं। इससे अंचल कार्यालयों में दाखिल-खारिज, जमीन संबंधी मामलों सहित अन्य राजस्व कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे थे। स्थिति को संभालने के लिए पहले चरण में संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को वैकल्पिक रूप से जिम्मेदारी दी गई थी।
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व्यय पदाधिकारी की वित्तीय शक्तियां भी दी गई
विभागीय निर्देश के बाद अब सात अंचलों में अतिरिक्त प्रभार सौंपते हुए संबंधित पदाधिकारियों को निकासी एवं व्यय पदाधिकारी की वित्तीय शक्तियां भी दी गई हैं। जिन पदाधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी मिली है, उनमें कुमारी कुनिका (खुसरूपुर), निशा आनंद (दनियावां), राकेश कुमार (मनेर), सक्षम सिंह (मसौढ़ी), ममता कुमारी (धनरूआ), शिव शंभु कुमार (बख्तियारपुर) और लवली कुमारी (पंडारक) शामिल हैं।
सारण में भूमि सुधार जन कल्याण कार्यक्रम
इधर, सारण प्रमंडल मुख्यालय छपरा में आयोजित भूमि सुधार जन कल्याण संवाद कार्यक्रम में डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने भूमि विवाद समाप्त करने के अभियान को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में बाधा उत्पन्न करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा कि जब से नई सरकार का गठन हुआ है, तब से इस संवाद कार्यक्रम की शुरुआत की गई है और इसका उद्देश्य भूमि विवादों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन को बचाने के लिए लड़ाई लड़ने वालों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। डिप्टी सीएम ने कहा कि पटना, लखीसराय, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, सहरसा, भागलपुर, गया और दरभंगा में प्राप्त 13 हजार 311 आवेदनों में से 8 हजार से अधिक मामलों का निष्पादन किया जा चुका है।
डिप्टी सीएम ने हड़ताली अधिकारियों से क्या कहा?
राजस्व सेवा के अधिकारियों की हड़ताल पर कड़ा रुख अपनाते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि जब अधिकारियों पर समय पर काम करने का दबाव बढ़ा तो कुछ लोगों ने प्रमोशन और वेतन वृद्धि का बहाना बनाकर काम बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार के समक्ष अपनी मांग रखने की एक तय प्रक्रिया होती है और काम के महत्वपूर्ण समय में हड़ताल पर चले जाना पूरी तरह संवेदनहीनता का परिचायक है।