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Bihar: 'बेहतर बिहार संवाद' कार्यक्रम का हुआ आयोजन, शामिल होने पहुंचे बीजेपी के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा

Wed, 13 Aug 2025 05:54 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar: रोजगार के मुद्दे पर सिन्हा ने कहा कि हर युवा सरकारी नौकरी की उम्मीद करता है, लेकिन यह व्यावहारिक नहीं है कि सरकार सभी को नौकरी दे। उन्होंने युवाओं से स्वरोजगार और उद्यमिता की ओर कदम बढ़ाने का आग्रह किया।
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बीजेपी के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पटना स्थित चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान (CIMP) के सभागार में आज 'बेहतर बिहार संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बीजेपी के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने बिहार के युवाओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करते हुए राज्य के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिन्हा ने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य तब तक पूरा नहीं हो सकता, जब तक बिहार इसमें अग्रणी भूमिका न निभाए। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर बिहार के बिना विकसित भारत अधूरा है, और बदलाव की चाबी युवाओं के हाथ में है।" उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी सोच और दृष्टिकोण को बदलकर इस परिवर्तन की धुरी बनें।

सिन्हा ने बिहार के बारे में बनी नकारात्मक धारणा को समाप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति अपने परिवार को कोसकर प्रगति नहीं कर सकता, वैसे ही बिहार को दोष देकर हम आगे नहीं बढ़ सकते। युवाओं को स्पष्ट विजन और सकारात्मक सोच के साथ नेतृत्व संभालना होगा। उन्होंने युवाओं को 1975 के जेपी आंदोलन की याद दिलाई, जब बिहार के युवाओं ने एकजुट होकर तानाशाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी।
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रोजगार के मुद्दे पर सिन्हा ने कहा कि हर युवा सरकारी नौकरी की उम्मीद करता है, लेकिन यह व्यावहारिक नहीं है कि सरकार सभी को नौकरी दे। उन्होंने युवाओं से स्वरोजगार और उद्यमिता की ओर कदम बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने गुजरात का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के युवा 18 साल की उम्र में व्यवसाय शुरू कर देते हैं, जबकि बिहार के युवा उस उम्र में सिर्फ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि बिहार को आगे बढ़ाना है, तो यह मानसिकता बदलनी ही होगी।

सिन्हा ने चन्द्रगुप्त संस्थान के बारे में बोलते हुए कहा की मुझे इस संस्थान में आकर अच्छा लगा क्यूंकि यहां के छात्र और शिक्षक दोनों ही बेहतर बिहार के लिए सतत्त प्रयासरत हैं। कार्यक्रम में छात्रों ने भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने कृषि में तकनीकी नवाचार, स्वरोजगार के लिए ऋण सुविधा, पर्यटन को बढ़ावा देने और न्यूनतम मजदूरी दर में सुधार जैसे कई सुझाव दिए। सिन्हा ने इन सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं की यह सोच ही भविष्य के बेहतर बिहार की नींव है। कार्यक्रम के अंत में, संस्थान के निदेशक प्रो. राणा सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कुमुद कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।

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जवाब देने से बच रहे हैं तेजस्वी: ऋतुराज सिन्हा
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि तेजस्वी यादव के पास दो अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों के वोटर आईडी कार्ड हैं, जिनमें से एक कथित रूप से फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर बनवाया गया है। उन्होंने साफ कहा कि यह मुद्दा किसी एक राजनीतिक पार्टी द्वारा नहीं, बल्कि भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा उठाया गया है, और तेजस्वी यादव को इस संबंध में समन भेजा गया, लेकिन अभी तक उन्होंने कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है। यह मामला न केवल चुनावी नैतिकता, बल्कि भारतीय लोकतंत्र और कानून के पालन से भी जुड़ा है। ऋतुराज ने सवाल उठाया कि यदि तेजस्वी यादव ने पिछला चुनाव (राघोपुर विधानसभा) उसी फर्जी वोटर आईडी पर लड़ा था, तो क्या वह नामांकन अवैध नहीं माना जाना चाहिए? और क्या यह सीधे तौर पर चुनाव आचार संहिता और भारतीय दंड संहिता का उल्लंघन नहीं है?
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सिन्हा ने स्पष्ट किया कि भीखूभाई दलसानिया का पटना का वोटर बनना कोई समस्या नहीं है, क्योंकि उन्होंने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए पिछले पांच वर्षों से पटना में रहकर अपना नाम स्थानांतरित कराया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि “समस्या यह नहीं है कि कौन कहां का वोटर है, समस्या यह है कि एक नेता के पास दो वोटर कार्ड हैं और उनमे से एक कार्ड, फर्जी दस्तावेज़ पर आधारित है। ऋतुराज ने कहा कि दिन-रात संविधान की बात करने वाले जब स्वयं ही संवैधानिक संस्थाओं के नियमों को तोड़ते हैं और जवाबदेही से बचते हैं, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है। 

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