मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
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कोरोना संकट को लेकर नीतीश कुमार पर हमला
प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उनके कोरोना संकट में किए गए व्यवहार को लेकर कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि जब कोरोना महामारी के दौरान पूरे देश से बिहार के बच्चे पैदल चलकर अपने घर लौट रहे थे, तब आपके मुख्यमंत्री 'पलटू कुमार' अपने सरकारी आवास से बाहर भी नहीं निकले। यह चुनाव ऐसे असंवेदनशील मुख्यमंत्री को सबक सिखाने का चुनाव है। पीके ने नीतीश कुमार की 'असंवेदनशीलता' पर जोर देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने बिहार की जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया और संकट के समय में उन्हें कोई मदद नहीं दी।
‘…तो भाजपा नीतीश के साथ मिल जाएगी’
वहीं, इस दौरान प्रशांत किशोर ने भाजपा पर सीधा हमला किया। उन्होंने कहा कि अगर जनता भाजपा को वोट देती है तो वह सत्ता में आने के बाद लोगों की उम्मीदों को दरकिनार कर नीतीश कुमार के साथ मिल जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की कि वे सोच-समझकर वोट दें, ताकि ऐसा गठबंधन जो उनके हितों की अनदेखी करता है, सत्ता में न आए।
मायावती पर लगाए गंभीर आरोप
बसपा प्रमुख मायावती पर भी प्रशांत किशोर ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मायावती को आपके बच्चों की कोई चिंता नहीं है। वह करोड़ों रुपये लेकर बसपा का टिकट देती हैं। ऐसे में आप ही सोचिए, करोड़ों रुपये देकर टिकट पाने वाला नेता आपकी समस्याओं का समाधान करेगा या मायावती को दिए गए पैसों की चिंता?
बसपा सुप्रीमो मायावती।
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प्रशांत किशोर ने कहा कि जो नेता पैसा लेकर चुनाव लड़ते हैं, वे जनता की समस्याओं को हल करने के बजाय अपने निजी स्वार्थों को साधने में लगे रहते हैं। उन्होंने लोगों से जाति और धर्म के बंधनों को तोड़कर अपने बच्चों और बिहार के भविष्य के लिए वोट करने की अपील की।
बिहार के युवाओं के लिए अपील
अपनी अपील में प्रशांत किशोर ने बिहार के युवाओं और उनके भविष्य पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब बिहार का कोई युवा दूसरे राज्य में जाता है, तो उसे बिहारी कहकर अपमानित किया जाता है। यह स्थिति बदलनी चाहिए और इसके लिए आप सभी को सही चुनाव करना होगा। प्रशांत किशोर ने बिहार के विकास और समृद्धि के लिए एक नए विकल्प की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जन सुराज के उम्मीदवारों को वोट देकर बिहार की राजनीति में बदलाव लाएं।