जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत लघु जल संसाधन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में पटना जिले के 6 प्रखंडों में आहर-पईन की योजनाओं को मंजूरी दी है। इन योजनाओं पर कुल 2088.69 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे 4,054 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। योजनाओं को जून 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इनका उद्देश्य जल संचयन, सिंचाई क्षमता में वृद्धि और कृषि उत्पादन को बढ़ावा देना है।
मंजूर की गई योजनाएं
मसौढ़ी:
चकिया चिथौल पईन योजना: 142.58 लाख रुपये की लागत से 240 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा।
दौलतपुर भुजौर पईन योजना: 168.03 लाख रुपये की लागत से 400 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा।
लहसुना पईन योजना: 269.51 लाख रुपये की लागत से 507 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा।
पुनपुन:
पंवार पईन योजना: 181.34 लाख रुपये की लागत से 388 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा।
लखनपार अकौना पईन योजना: 264.24 लाख रुपये की लागत से 464 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा।
दनियावां:
एतवारीटोला एरई पईन योजना: 212.28 लाख रुपये की लागत से 383 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा।
खरमैया पईन योजना: 132.98 लाख रुपये की लागत से 220 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा।
खुसरूपुर:
चुहरमल स्थान चौरा पईन योजना: 93.48 लाख रुपये की लागत से 168 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा।
पालीगंज:
ढोकहरा करौती आहर पईन स्लूईस गेट योजना: 337.69 लाख रुपये की लागत से 725 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा।
धनरूआ:
सांडा पईन योजना: 286.59 लाख रुपये की लागत से 559 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा।
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इन योजनाओं से किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलेगी, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।