बिहार के मोकामा में गत 30 अक्तूबर को दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी। इस मामले में पटना पुलिस ने सत्ताधारी दल- जदयू के प्रत्याशी अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। इस पर मोकामा से जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी ने कहा, अगर प्रशासन ने ये कार्रवाई पहले की होती तो बेहतर होता।
हत्या के तीन दिन बाद 50 वाहनों के काफिले में चुनाव प्रचार?
शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात हुई अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद समाचार एजेंसी एएनआई से टेलीफोन पर बातचीत के दौरान पीयूष ने कहा, 'यह एक अच्छा कदम है, लेकिन अगर वे पहले कार्रवाई करते तो अच्छा होता। आज वह 50 वाहनों के काफिले में घूम रहे थे और चुनाव प्रचार में भी शामिल हुए।'
पुलिस की जांच पर रहेंगी नजरें, अनंत सिंह की गिरफ्तारी से राहत
पीयूष ने हत्याकांड की जांच को लेकर सवालिया लहजे में कहा, जब अनंत सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी थी तो उन्हें पहले ही गिरफ्तार कर लिया जाना चाहिए था... चलिए देर आए दुरुस्त आए। उन्होंने कहा, अब महत्वपूर्ण यह है कि पुलिस पूरे मामले की जांच कैसे करती है... फिलहाल ये कार्रवाई उनके परिवार के लिए राहत की बात है।
आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन
इस कार्रवाई को लेकर पटना पुलिस के एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने बताया कि 30 अक्तूबर को मोकामा में दो प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच झड़प हुई थी। इस दौरान पत्थरबाजी के कारण कई लोग घायल भी हुए थे। इस झड़प में जान गंवाने वाले 75 वर्षीय दुलारचंद यादव स्थानीय निवासी थे। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सबूतों, प्रत्यक्षदर्शियों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर यह साबित हुआ कि यह घटना विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लगाई गई आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़ी है।
पुलिस ने अनंत सिंह को मुख्य आरोपी बनाया
एसएसपी ने बताया कि हिंसक झड़प चुनाव में उम्मीदवार- अनंत सिंह की मौजूदगी में हुई थी, पुलिस ने उन्हें मुख्य आरोपी बनाया है। अनंत सिंह को उनके साथियों मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम के साथ गिरफ्तार किया गया है। तीनों को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा और पुलिस हत्याकांड की जांच जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि सबसे पहले मोकामा के घोसवरी थाना में दोनों राजनीतिक खेमों के बीच विवाद और झड़प की सूचना मिली थी। पुलिस ने तारतर गांव के पास हुई इस हिंसा के मामले में तत्काल कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रित किया। हिंसा के दौरान जान गंवाने वाले दुलारचंद यादव का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है।
दुलारचंद यादव को मारी गई गोली अभी तक बरामद नहीं
एसएसपी शर्मा ने बताया कि इस हत्याकांड में कई अन्य आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी भी चल रही है। अपराध अनुसंधान शाखा (सीआईडी) ने भी जांच शुरू कर दी है। दोनों पक्षों के कुछ लोगों को पुलिस से बदसलूकी और कानून-व्यवस्था भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि मृतक को पैर में गोली लगी थी, जिससे उसकी मौत हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली शरीर में घुसने और बाहर निकलने से बने घाव का उल्लेख है। हालांकि अभी तक गोली बरामद नहीं हुई है।
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 50 से अधिक चेकिंग पॉइंट
इस मामले में पटना के जिला दंडाधिकारी (डीएम) डॉ. थियागराजन एसएम ने कहा, मोकामा विधानसभा क्षेत्र में हुई इस घटना को प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। जिला प्रशासन और पुलिस ने कई सख्त कदम उठाए हैं। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। सभी लाइसेंसी हथियार जमा कराने के आदेश दिए गए हैं, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 50 से अधिक चेकिंग पॉइंट बनाए जा रहे हैं, और सीएपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है। अवैध हथियारों की जब्ती के लिए छापेमारी लगातार जारी है।