भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में परिजनों ने बयां किया दर्द
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भोजपुर जिले के चर्चित भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले में सियासी बयानबाजी के बीच परिजनों ने स्पष्ट किया है कि उनकी प्राथमिकता किसी राजनीतिक दल का समर्थन करना नहीं, बल्कि केवल न्याय प्राप्त करना है। इसी सिलसिले में बीते दिनों परिजनों ने पटना के दानापुर स्थित सगुना मोड़ के पास भाजपा सांसद एवं गायक मनोज तिवारी से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
प्रशांत किशोर ने नहीं दिया कोई जवाब- सुमन देवी
मुलाकात के बाद भरत तिवारी की भाभी सुमन देवी ने कहा कि घटना के बाद जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया था। उनके अनुसार, 15 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन करने की बात भी कही गई थी, लेकिन डेढ़ माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार संपर्क करने के बावजूद उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
भरत तिवारी की मां को बांकीपुर उपचुनाव में प्रचार करने का प्रस्ताव दिया था
मृतक की भाभी सुमन देवी का आरोप है कि बाद में उन्हें और भरत तिवारी की मां को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के पक्ष में प्रचार करने का प्रस्ताव दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि भरत तिवारी की तस्वीर का चुनावी प्रचार में उपयोग किया जा रहा है, जिसका परिवार विरोध करता है। उनका कहना है कि न्याय की लड़ाई को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।परिजनों के अनुसार, मनोज तिवारी ने मुलाकात के दौरान कहा कि उन्हें अब तक मामले की पूरी जानकारी नहीं थी और प्रशासन तथा मीडिया के माध्यम से ही सीमित सूचनाएं मिली थीं। परिवार से विस्तृत जानकारी लेने के बाद उन्होंने न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिया।
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भरत तिवारी की भाभी बोलीं- किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ा परिवार
भाभी सुमन देवी ने कहा कि उनका परिवार किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है और न ही किसी दल के लिए प्रचार करना चाहता है। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी जिन जनसमस्याओं को उठाते थे, वे आज भी बनी हुई हैं। गांव में बाढ़ का पानी लोगों के घरों तक पहुंच चुका है, लेकिन हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।