बिहार के पांच हजार से ज्यादा बैंक निजीकरण के विरोध में गुरुवार व शुक्रवार को हड़ताल पर रहेंगे। इसके चलते अगले चार दिनों तक बिहार में बैंकों का कामकाज प्रभावित रहेगा।
बैंक कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दो दिनों की हड़ताल की घोषणा कर चुके हैं जिसमें से 16 व 17 दिसंबर को वह हड़ताल पर रहेंगे। शनिवार और रविवार को बैंक बंद रहेंगे। कुल मिलाकर बैंक चार दिनों तक बंद रहेंगे। यह हड़ताल मुख्य रुप से बैंक कर्मचारियों द्वारा बैंक के निजीकरण के विरोध में की जा रही है।
बिहार पूर्वांचल बैंक इंप्लाई एसोसिएशन के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी संजय तिवारी ने कहा कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन से जुड़े संगठनों के अधिकारी एवं कर्मचारी केंद्र सरकार के सार्वजनिक बैंकों को निजी क्षेत्र में सम्मिलित करने के बैंकिग कानून संशोधन विधेयक 2021 के विरोध में हैं। जिसे केंद्र सरकार 2021 के वर्तमान सत्र में पारित कराना चाहती हैं। कर्मचारी यह बिल्कुल भी नहीं चाहते कि सार्वजनिक बैंको को निजी हाथों में सौंपा जाए।
इसी प्रकार बिहार स्टेट इलाहाबाद स्टॉफ एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी उत्पलकांत ने कहा कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 3 दिसंबर से आंदोलन को शुरू कर दिया है। इसी के चलते बैंक कर्मचारियों का एक बड़ा हिस्सा 16 एवं 17 दिसंबर को बैंक के प्रशासनिक कार्यालय के सामने एकत्रित होकर इस देशव्यापी हड़ताल में सरकार की नीति के खिलाफ आंदोलन करेगा।