29 अगस्त से 7 सितंबर 2025 तक बिहार के राजगीर में होने वाले एशिया कप में भारतीय पुरुष हॉकी टीम नई ऊर्जा, युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के मिश्रण और उत्साही प्रशंसकों की उम्मीदों के साथ मैदान में उतरेगी। भारतीय हॉकी का इतिहास स्वर्णिम रहा है। 1928 से 1956 तक टीम ने विश्व हॉकी पर कब्जा जमाया और आठ ओलंपिक स्वर्ण पदक (1928, 1932, 1936, 1948, 1952, 1956, 1964, 1980) तथा तीन एशिया कप खिताब (2003, 2007, 2017) अपने नाम किए। ध्यानचंद से लेकर आधुनिक हॉकी दिग्गजों तक भारतीय हॉकी गौरव, संघर्ष और पुनर्जनन का प्रतीक रही है।
एशिया कप 2025 के लिए 18 सदस्यीय टीम में अनुभव और युवा जोश का शानदार मिश्रण है। कप्तान हरमनप्रीत सिंह पेनल्टी कॉर्नर और रक्षा की जिम्मेदारी संभालते हुए टीम का नेतृत्व करेंगे। मिडफील्ड में मनप्रीत सिंह रक्षा से आक्रमण तक टीम को संतुलित बनाएंगे। फॉरवर्ड में मनदीप सिंह, अभिषेक, सुखजीत सिंह, शिलानंद लकड़ा और दिलप्रीत सिंह आक्रमण को धार देंगे। गोलकीपिंग की जिम्मेदारी कृष्ण बहादुर पाठक और सूरज कारकेरा संभाल रहे हैं, जबकि अमित रोहिदास, जरमनप्रीत सिंह और विवेक सागर प्रसाद टीम की गहराई बढ़ाते हैं।
मुख्य कोच क्रेग फुल्टन और सहायक कोच शिवेंद्र सिंह ने टीम की रणनीति परंपरा और आधुनिकता का मिश्रण बनाकर तैयार की है। तेज पासिंग, फुर्तीली ड्रिबलिंग, आक्रामक हाई प्रेस और सटीक ड्रैग-फ्लिक जैसी तकनीकें भारत की खेल शैली को गतिशील और प्रभावी बनाती हैं। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 2021 से 2025 तक वैश्विक मंच पर मजबूत पुनर्जनन दिखाया है। टोक्यो ओलंपिक 2021 में जर्मनी को हराकर कांस्य पदक, 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक, 2023 में एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी और हांगझोउ एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक सहित पेरिस ओलंपिक में लगातार दूसरा कांस्य पदक हासिल किया।
भारत ने एशिया कप में लगातार अपना दबदबा बनाए रखा है, जिसमें 2003, 2007 और 2017 में खिताब जीत, 1985, 1989 और 1999 में उपविजेता स्थान और 2022 में तीसरा स्थान शामिल है।
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राजगीर में एशिया कप 2025 भारत के लिए निर्णायक मोड़ होगा। घरेलू दर्शकों का उत्साह, कोच क्रेग फुल्टन की रणनीति और युवा-अनुभवी मिश्रण वाली टीम चौथा खिताब जीतने और 2026 विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने का लक्ष्य रखती है। दक्षिण कोरिया, मलेशिया और जापान से कड़ी चुनौती के बावजूद यह टूर्नामेंट भारतीय हॉकी की विरासत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का अवसर है।