राजधानी पटना के बिहटा थाना क्षेत्र में राघोपुर पंचायत के पूर्व मुखिया संजय यादव का शव खेत से मिलने के बाद इलाके में तनाव फैल गया। परिजनों ने गला दबाकर हत्या किए जाने की आशंका जताई है। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने बिहटा-बिक्रम स्टेट हाईवे (SH-2) पर आगजनी कर सड़क जाम कर दी। इसके चलते करीब पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया और सैकड़ों वाहन फंस गए।
परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
जानकारी के अनुसार, राघोपुर गांव के बधार (खेत) से रविवार सुबह पूर्व मुखिया संजय यादव का शव बरामद हुआ। परिजनों का आरोप है कि उनकी गला दबाकर हत्या की गई है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया शव पर ऐसे कोई स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं, जिनसे हत्या की पुष्टि की जा सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।
आगजनी कर हाईवे जाम, पुलिस से हुई नोकझोंक
घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने राघोपुर तीनमुहानी के पास बिहटा-बिक्रम स्टेट हाईवे को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर आगजनी भी की, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। जाम में स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं सहित सैकड़ों वाहन फंस गए। सूचना मिलते ही पटना ट्रैफिक डीएसपी-5, दानापुर-2 डीएसपी अमरेंद्र कुमार झा, बिहटा, आईआईटी अमहारा और मनेर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान आक्रोशित परिजनों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
पुलिस और एक व्यक्ति पर लगाया गंभीर आरोप
मृतक की बहन ने आरोप लगाया कि संजय यादव की हत्या साजिश के तहत कराई गई है। उन्होंने बिहटा पुलिस और अल्हनपुरा गांव के रहने वाले गुड्डू नामक व्यक्ति पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। परिजनों का कहना है कि घटना से दो दिन पहले पुलिस संजय यादव की तलाश में उनकी बहन के घर भी पहुंची थी, जिससे परिवार में पहले से ही तनाव था।
पुलिस बोली- आवेदन और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
बिहटा थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि अभी तक परिजनों की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है और न ही किसी के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट और परिजनों के आवेदन के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी विवादों में रहा था नाम
संजय यादव राघोपुर पंचायत के पूर्व मुखिया थे और केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव के करीबी माने जाते थे। अक्टूबर 2025 में उनके घर पर पुलिस ने छापेमारी कर अवैध राइफल और जिंदा कारतूस बरामद किए थे। उस मामले में उनके भाई मनोज कुमार यादव को गिरफ्तार किया गया था, जबकि संजय यादव फरार बताए गए थे। हाल ही में उनके खिलाफ कोर्ट से वारंट भी जारी हुआ था, जिसके बाद पुलिस उनकी तलाश कर रही थी।
ये भी पढ़ें-
Nitish Kumar Health : नीतीश कुमार NDA बैठक से पहले बीमार! क्या हुआ, बैठक में जाएंगे या नहीं?
क्या बोले एसपी
पश्चिम सिटी एसपी संकेत कुमार घटनास्थल पर पहुंचकर मृतक के परिजनों से मुलाकात की और उनकी जो भी मांगे हैं उसपर उन्होंने आश्वासन दिया और कहा कि जो दोषी है उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। FSL और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगा। सिटी एसपी पश्चिम के आश्वासन मिलने के बाद जाम खत्म हुआ और यातायात को चालू किया गया।