बिहार विधान मंडल का सत्र खत्म होते ही विदेश दौरे से पटना लौटने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला। पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन करने वाले छात्रों का वह धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन को महागठबंधन समेत विपक्ष के सभी दलों का समर्थन मिला था। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि पूरे बिहार में हजारों छात्रों पर प्राथमिकी दर्ज की गई, सैकड़ों छात्रों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया और उन पर गलत धाराएं लगाई गईं। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान यह सहमति बनी थी कि सभी छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे, लेकिन सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया।
अगर ऐसा नहीं किया तो करेंगे आंदोलन
तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधन के कई नेताओं और विधायकों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। उन्होंने अपने बड़े भाई तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें भी गंभीर धाराओं में जेल भेजा गया, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 27 जुलाई तक छात्रों और अन्य गिरफ्तार लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस लेकर उन्हें रिहा नहीं किया गया तो महागठबंधन पूरे बिहार में बड़ा आंदोलन करेगा।
सम्राट चौधरी पर भी लगाया बड़ा आरोप
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्हें न तो अपने चेहरे पर वोट मिला और न ही अपने काम के आधार पर। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस का दुरुपयोग कर रही है और छात्रों पर लाठीचार्ज व सख्त कार्रवाई कर लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया जा रहा है। तेजस्वी ने कहा कि बिहार की स्थिति तभी सुधरेगी जब मौजूदा सरकार बदलेगी। उन्होंने दोहराया कि सरकार के पास छात्रों को रिहा करने और मुकदमे वापस लेने के लिए अंतिम समय है, अन्यथा पूरे राज्य में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।