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बिहार: सीएम और स्पीकर के बीच मतभेद खत्म,नीतीश कुमार की माफी पर अड़ा विपक्ष, विधानसभा स्थगित

Wed, 16 Mar 2022 03:18 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष का हंगामा फिर से तेज हो गया। विपक्ष सीएम नीतीश माफी मांगो का नारा लगाते रहे।
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विजय कुमार सिन्हा - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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बिहार विधानसभा में सोमवार को भाजपा-जेडीयू के बीच दिखा गतिरोध अब लगभग खत्म हो चुका है। बिहार विधानसभा स्पीकर विजय सिन्हा के साथ बदसलूकी के मामले में भाजपा और जेडीयू के बीच जारी सियासी खींचतान पर विराम लग गया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद आगे आकर ये विवाद खत्म कर दिया है। स्पीकर विजय कुमार सिन्हा आज विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने के लिए पहुंचे और सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से बात हुई है। उनसे कोई दुर्भावना नहीं थी। विपक्ष के हंगामे के बीच उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि आसन को विपक्ष द्वारा रौंदा गया है। विधानसभा अध्यक्ष ने सदस्यों से शांति तरीके से सदन चलाने की अपील की। 
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विपक्ष का भारी हंगामा, सदन स्थगित
दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष का हंगामा फिर से तेज हो गया। विपक्ष सीएम नीतीश माफी मांगो का नारा लगाते रहे। विपक्ष अपनी बात रखने की मांग करने लगे। हंगामे के बाद फिर से विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही शाम 4.40 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
 
नीतीश ने दी थी संविधान देखने की नसीहत 
विधानसभा में सोमवार को गुस्से में तमतमाए सीएम नीतीश कुमार ने स्पीकर को संविधान देखने की नसीहत तक दे डाली थी, जिसके बाद विजय सिन्हा और नीतीश कुमार मंगलवार को सदन में नहीं पहुंचे। ऐसे में सवाल उठने लगे कि साढ़े चार साल के बाद क्या फिर जेडीयू और भाजपा की दोस्ती में दरार आ जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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वहीं, नीतीश कुमार द्वारा बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा के कथित अपमान के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के चलते मंगलवार को सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। विधानसभा अध्यक्ष अपने कक्ष के अंदर बैठे रहे और उन विधायकों से मिले, जो हंगामे के कारण सदन से बाहर आ गए थे। वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सूफी दरगाह मनेर शरीफ में थे। 

प्रमुख विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक, स्पीकर और नीतीश कुमार के बीच तनातनी के विरोध में काला पट्टे पहनकर विधानसभा पहुंचे, लेकिन भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार को अध्यक्ष की कुर्सी पर देखकर वे और भड़क गए। विधायकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया और मांग की कि अध्यक्ष तथा मुख्यमंत्री सदन में आएं और विवाद का कारण बताएं। सबसे पहले दो बजे तक के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी गई। विपक्षी सदस्य 'नीतीश कुमार मुर्दाबाद' और 'नीतीश कुमार होश में आओ' जैसे नारे लगाते हुए आसन के करीब आ गए, जिससे कार्यवाही शाम 4.50 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। 

क्या हुआ था सोमवार को?
बिहार विधानसभा में सोमवार को उस समय विकट स्थिति पैदा हो गई, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा के बीच इस बात को लेकर तीखी नोकझोंक हुई कि क्या सरकार द्वारा जांच किए जा रहे मामले जिसे विशेषाधिकार समिति को भी भेजा गया हो, उसे सदन के पटल पर बार-बार उठाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने अपना आक्रोश तब व्यक्त किया जब विधानसभा अध्यक्ष ने कैबिनेट मंत्री बिजेंद्र यादव से सदन को कुछ दिनों के बाद यह बताने को कहा कि लखीसराय में एक घटना के संबंध में क्या कार्रवाई की गई। 

लखीसराय स्पीकर विजय कुमार सिन्हा का विधानसभा क्षेत्र भी है। जांच को लेकर विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के बीच नोकझोंक को कुछ लोगों द्वारा जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और भाजपा के बीच तनावपूर्ण संबंधों के प्रतिबिंब के रूप में भी देखा जा रहा है। जदयू का नेतृत्व नीतीश कुमार करते हैं और विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा सहयोगी भाजपा से आते हैं। 

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