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बिहार: पटना में सडक पर उतरे अभाविप के कार्यकर्ता, लोकतंत्र बचाने और अराजकता रोकने की अपील

Fri, 30 Oct 2026 03:21 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

पटना में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ता लोकतंत्र बचाओ-अराजकता रोको के नारे के साथ सड़क पर उतर गए हैं। संगठन की ओर से गांधी मैदान से इनकम टैक्स चौराहे तक विशाल जनसभा और विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। अभाविप ने लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा का संदेश देने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया है।
 
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पटना में अभाविप का प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पटना में शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने आज प्रदर्शन किया। 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता रोको' के आह्वान पर परिषद के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर मार्च निकाला। कारगिल चौक पर आयोजित इस जनसभा में हजारों विद्यार्थियों और अभाविप कार्यकर्ताओं ने सहभागिता कर लोकतंत्र और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने के प्रयासों के विरुद्ध एकजुटता का संदेश दिया। भारी बारिश के बावजूद उत्तर बिहार एवं दक्षिण बिहार के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल हुए। जनसभा के बाद कार्यकर्ताओं ने पुलिस की बैरिकेडिंग पार करते हुए डाक बंगला चौराहा तक मार्च निकाला, जहां रैली का समापन हुआ। 

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प्रदर्शन गांधी मैदान से शुरू होकर डाक बंगला चौराहे तक जा रहा है। कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष यश डबास भी शामिल हुए। अभाविप ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता, गरिमा और मर्यादा का सम्मान जरूरी है। हमलोग इस प्रदर्शन के माध्यम से लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति जागरूकता बढ़ाने और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का संदेश दे रहे हैं।
 

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डाक बंगला पर निगरानी करते हुए अभावित के कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला
संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए
अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह ने कहा कि भारत का लोकतंत्र जनता के विश्वास, मताधिकार और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर आधारित है। देश में सत्ता परिवर्तन का अधिकार केवल जनता के पास है, जो अपने मताधिकार के माध्यम से सरकारों को चुनती और बदलती है। लोकतंत्र में राजनीतिक असहमति का स्वागत है, लेकिन भीड़ के दबाव, अराजकता और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाकर सत्ता परिवर्तन का प्रयास स्वीकार्य नहीं है। यदि निर्वाचन प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता है, तो उसके लिए प्रमाण प्रस्तुत करते हुए संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए। निर्वाचन आयोग और सर्वोच्च न्यायालय जैसी संस्थाओं की विश्वसनीयता पर राजनीतिक स्वार्थों के लिए सवाल उठाना तथा उन्हें दबाव में लाने का प्रयास लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध है। बांग्लादेश और नेपाल के घटनाक्रमों से प्रेरित होकर भारत में भी अराजकता के माध्यम से सत्ता परिवर्तन की कल्पना करने वालों को समझना चाहिए कि भारत का लोकतंत्र मजबूत है और यहां सरकारों का भविष्य जनता तय करती है। 
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पटना में अभाविप का प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष यश डाबस ने कहा?
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष यश डाबस ने कहा कि भारत की युवा शक्ति की जड़ें अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सभ्यतागत चेतना और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध में हैं। बांग्लादेश और नेपाल के घटनाक्रमों को भारत की परिस्थितियों पर लागू करने का प्रयास भारतीय समाज की विशिष्टता और सांस्कृतिक चेतना को नजरअंदाज करना है। भारत का युवा अपनी सांस्कृतिक पहचान पर गर्व करता है और देश की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक, रचनात्मक एवं लोकतांत्रिक मार्ग में विश्वास रखता है। पटना में छात्र गर्जना मार्च के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह स्पष्ट किया है कि भारतीय युवाओं की ऊर्जा राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता और देश की सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करने में लगेगी। अभाविप का मानना है कि युवाओं की भूमिका केवल परिस्थितियों पर प्रतिक्रिया देने तक सीमित नहीं, बल्कि अपने विचार, आचरण और सक्रिय सहभागिता से राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करने में भी है।

युवाओं से लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आने की अपील
अभाविप बिहार प्रदेश के प्रदेश मंत्री सुमित कुमार सिंह ने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन चलाने की व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह संवैधानिक संस्थाओं, नागरिक अधिकारों और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के सम्मान का आधार है। जब लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा पर आघात होता है, तब युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करें। उन्होंने कहा कि अभाविप लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने युवाओं और आम नागरिकों से इस अभियान में सहभागी बनने की अपील की।

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लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के प्रति जनजागरण का प्रयास
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, बिहार प्रदेश ने कहा कि यह कार्यक्रम लोकतंत्र की मजबूती, संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के प्रति जनजागरण का प्रयास है। परिषद युवाओं की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा संवैधानिक मर्यादाओं के सम्मान का संदेश समाज तक पहुंचाएगी
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