Health News: बिहार में बड़ी संख्या में नवजातों की मृत्यु जन्म के पहले सप्ताह में हो जाती है। इन मौतों को रोकने के लिए एनबीएसयू की स्थापना एक निर्णायक पहल है, जिससे बीमार नवजातों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सकेगा। पढ़े पूरी खबर...
नीतीश सरकार नवजात शिशुओं के जीवन की रक्षा और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए बड़ी पहल की है। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि इसी दिशा में राज्य के विभिन्न जिलों में चिन्हित 115 प्रथम संदर्भ इकाइयों (एफआरयू) में अत्याधुनिक नवजात स्थिरीकरण इकाइयों (एनबीएसयू) की स्थापना और संचालन किया जाएगा। इस संबंध में राज्य के कई सिविल सर्जनों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि समय से पहले जन्म, कम वजन और जन्म के समय सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याओं के कारण बड़ी संख्या में नवजातों की मृत्यु पहले सप्ताह में हो जाती है। इन मौतों को रोकने के लिए एनबीएसयू की स्थापना को एक अहम और निर्णायक पहल बताया गया है। इसके माध्यम से बीमार नवजातों को जन्म के तुरंत बाद त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सकेगा।
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स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कहां होगी एनबीसीयू की स्थापना
उन्होंने कहा कि एनबीएसयू की स्थापना संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों में मैटरनिटी वार्ड या लेबर रूम के समीप की जाएगी, ताकि नवजात को तुरंत आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई जा सके। प्रत्येक इकाई को रेडिएंट वार्मर, सक्शन मशीन, फोटोथेरेपी यूनिट और स्पॉट लाइट जैसे अत्याधुनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है, जिनकी आपूर्ति बीएमएसआईसीएल के माध्यम से होगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी इकाइयां निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरी तरह क्रियाशील रहें।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि एनबीएसयू की स्थापना के दौरान संक्रमण नियंत्रण और सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के तहत कचरे के सुरक्षित निपटान की भी समुचित व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इन इकाइयों के प्रभावी संचालन से राज्य में नवजात मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आएगी और हर नवजात को जीवन की सुरक्षित शुरुआत मिल सकेगी।