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Patna High Court : शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक पर अवमानना के एक और केस में वारंट

Tue, 18 Jul 2023 08:34 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar News : गालीबाजी के वीडियो और शिक्षा मंत्री से विवाद के कारण इन दिनों सुर्खियों में रहे सीनियर IAS केके पाठक अब पटना हाईकोर्ट से पांच दिनों के अंदर दूसरी बार अवमानना के मामलों में वारंट के लिए चर्चा में हैं।
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पटना हाईकोर्ट की जजों पर कार्रवाई - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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पटना हाईकोर्ट ने सीनियर आईएएस अधिकारी केके पाठक के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। यह वारंट केके पाठक की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए जारी किया गया है। न्यायमूर्ति पीबी बजनथरी और न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार की कोर्ट ने अवमानना के एक मामले में आदेश दिया गया है। दरअसल, शिक्षिका सुकृति कुमार ने कहा कि पटना हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी। उन्होंने कहा था कि कोर्ट के आदेश के बावजूद शिक्षा विभाग शिक्षकों का वेतन नियमित रूप से नहीं दिया जाता है। 

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कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई। इसके बाद शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक को कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया। केके पाठक के वकील नरेश दीक्षित ने कोर्ट में जानकारी दी कि 8 जून को पदभार ग्रहण करने के बाद केके पाठक लगातार अवमानना से संबंधित मामलों पर कार्रवाई कर रहे हैं। इसके पहले 13 जुलाई को अवमानना के ही एक अन्य मामले में जारी जमानतीय वारंट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। मंगलवार यानी आज इस मामले में सुनवाई होनी है। 

आदेश तामिला नहीं किया, हाजिर भी नहीं हुए
दरअसल, हाईकोर्ट ने एक मामले में करीब साढ़े सात साल आदेश जारी किया था, जिसपर अबतक अमल नहीं किया गया था। इसी केस की गुरुवार को सुनवाई के दौरान शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को सशरीर उपस्थित होने का आदेश था। वह 13 जुलाई को हाजिर नहीं हुए और अदालत को वकील के जरिए सूचना दिलवाई कि उन्होंने 16 जून 2023 को आदेश पर अमल करवा दिया है, इस आधार पर भौतिक हाजिरी से छूट दी जाए।
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अदालत ने कहा- 20 को वारंट से हाजिर कराएं
पटना हाईकोर्ट गुरुवार को सुनवाई के दौरान उनकी गैरहाजिरी से नाराज था। नाराजगी की वजह यह भी थी कि साढ़े सात साल से अदालती आदेश की अवमानना की जा रही थी और जब सशरीर हाजिरी का आदेश दिया गया तो उस आदेश को पूरा कर ऐसी छूट मांगी जा रही थी। कोर्ट ने पाठक के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया और 20 जुलाई को सशरीर हाजिर कराने कहा।

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