चार दिनों से चले आ रहे छठ महापर्व का बिहार में समापन मातम के साथ हुआ। जहां एक तरफ दरभंगा में उगते सूर्य को अर्घ्य देकर लौट रहीं छह व्रतियां सोमवार सुबह समस्तीपुर के निकट ट्रेन की चपेट में आ गईं, वहीं दूसरी तरफ अलग-अलग घटनाओं में डूबने से करीब 20 लोगों की जान चली गई है, जिनमें 14 बच्चे शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार सोमवार की सुबह दरभंगा के रामभद्रपुर रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन से कटकर छह लोगों की मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ ने तीन लोगों के मारे जाने की ही पुष्टि की है। रेलवे के अनुसार सुबह जब ये लोग उगते सूर्य को अर्घ्य देकर लौट रहे थे, उस वक्त सभी स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। मरने वालों में दो महिलाएं जो छठ व्रती थीं और एक बच्चा भी शामिल है।
बताया जा रहा है कि महिलाएं सुबह लगभग साढ़े पांच बजे धुंध की वजह से दूर से आ रही ट्रेन को नहीं देख पाईं और रेल की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। दुर्घटना के बाद आक्रोशित लोग प्रदर्शन करने लगे। इस मार्ग पर रेल का परिचालन भी काफी देर बाधित रहा। भीड़ ने निकटवर्ती रामभद्रपुर स्टेशन पर खड़ी डीएमयू ट्रेन में तोड़फोड़ तथा स्टेशन पर आगजनी की है। इस दौरान उग्र प्रदर्शनकारियों ने स्टेशन पर खड़ी एक बाइक को भी जला दिया। हिंसा को बेकाबू होते देख स्टेशन से रेलकर्मी भाग गए। बाद में डीआरएम सुधांशु शर्मा ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच के आदेश दिए और साथ ही चार लाख बीस हजार रुपये मुआवजे का ऐलान किया।
इधर, अलग-अलग हादसों में 20 लोगों की डूबने से मौत हो गई है। मरने वालों में से 14 बच्चे भी शामिल हैं। मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा और मनिसारी में हुए हादसों मे क्रमश: दो और पांच बच्चे डूब गए। दूसरी ओर खगडिय़ा के चौथम स्थित भरपुरा घाट पर भी तीन बच्चों की मौत बागमती नदी की तेज धार में डूबने और बहने से हो गई। पूर्णिया में भी एक बच्चे के डूबने की खबर मिली है, वहीं पटना से सटे बाढ़ में मलाही गंगा घाट पर पांच बच्चे नदी में लापता हो गए हैं, जिनमें से दो की मौत हो गई है, जबकि तीन को बचा लिया गया है। इसी प्रकार, बेगूसराय के कुर्था स्थित मानिकपुर में अर्घ्य देने के दौरान ही एक युवक की डूबने से मौत हो गई, जबकि अरवल में भी एक व्यक्ति के डूबने की खबर मिली है। गया में भी आज एक युवक की डूबने से मौत हो गई।
उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ छठ का समापन
उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही चार दिन तक चलने वाले लोक आस्था के महापर्व छठ का समापन हो गया है। सोमवार सुबह पटना में गंगा के घाट पर जन सैलाब उमड़ पड़ा। हल्की ठंड के बीच व्रतियों ने गंगा के पानी में उतरकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। सोमवार को सुबह से ही पानी में उतरकर व्रती सूर्य उदय का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही सूर्योदय हुआ छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं के चेहरे पर खुशी आ गई। उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद छठ व्रतियों ने घाटों पर ही पारन किया और फिर 36 घंटे का निर्लजा उपवास तोड़ा।