बोध गया और पटना में हुए बम धमाकों के पांच संदिग्धों के बारे में जानकारी देने वालों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने इनाम देने की घोषणा की है। इस मामले में पांच में से चार संदिग्ध झारखंड से हैं।
रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक साकेत कुमार सिंह ने इस खबर की पुष्टि करते हुए कहा है, ''एनआईए ने इस संबंध में रांची पुलिस को भी संदिग्धों की सूची दी है साथ ही इन संदिग्धों के बारे में जो भी व्यक्ति सूचना देगा उसकी पहचान गुप्त रखी गई है।''
एसएसपी के मुताबिक पटना धमाके में जिन संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, वे लोग सीधे तौर पर इंडियन मुजाहिद्दीन से जुड़े हैं।
इस मामले की एनआईए की टीम लगातार झारखंड और बिहार में छानबीन कर रही है।
इनाम
एसएसपी ने इन संदिग्धों पर रखे गए इनाम के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि तहसीन अख़्तर उर्फ मोनू और हैदर अली उर्फ अब्दुल्ला पर दस-दस लाख रुपए के इनाम जारी किए गए है। तहसीन बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले हैं तो हैदरअली रांच के डोरंडा थाना क्षेत्र के निवासी हैं।
इनके अलावा नुमान अंसारी, तौफ़ीक़ अंसारी, मुजीबुल्लाह अंसारी पर पांच-पांच लाख रुपए के इनाम जारी किए गए हैं। अनुमान और तौफ़ीक़ रांची के सीठियो गांव के रहने वाले हैं और मुजीबुल्लाह रांची के ओरमांझी थाना क्षेत्र के चकला गांव के निवासी हैं।
पुलिस के मुताबिक़ तहसीन ऊर्फ मोनू की तलाश 21 फरवरी को हैदराबाद में हुए बम धमाके में भी की जा रही है। तहसीन के संबंध रांची के कथित संदिग्धों से भी जुड़े थे।
पुलिस का दावा है कि छानबीन में ये तथ्य सामने आए हैं कि बोध गया, पटना धमाके का मॉड्यूल तैयार करने में तहसीन, हैदर और इम्तियाज़ की महत्वपूर्ण भूमिका थी।
27 अक्तूबर को पटना में नरेंद्र मोदी की रैली से ठीक पहले बम धमाके में छह लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग घायल हो गए थे।
सात जुलाई को बोध गया में बम धमाके की घटना में कई लोग घायल हुए थे।
पटना में हुए बम धमाके की घटना के समय ही इम्तियाज़ को पकड़ा गया था। इम्तियाज़ भी रांची के सीठियो के रहने वाले हैं। दूसरे सदिंग्ध तारिक़ की मौत हो गई है।
तारिक़ के घर वालों ने उनका शव भी लेने से मना कर दिया था। पुलिस का कहना है कि इम्तियाज़ के घर पर पुलिस के छापे में विस्फोटक सामग्री के साथ धार्मिक साहित्य, सीडी, मोबाइल के सिम से संदिग्ध गतिविधियों के बारे में कई जानकारी मिली है।
इसी मामले में रांची से उज्जैर नामक एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर एनआईए की टीम पहले ही दिल्ली ले गई हैं। उज्जैर पर आरोप है कि वह इम्तियाज़ को आर्थिक मदद पहुंचाता था।
जांच
रांची पुलिस ने चार नवंबर की रात हिंदपीढ़ी थाना क्षेत्र के इरम लाज में मुजीबुल्लाह अंसारी के कमरे में छापे मारे थे। इस छापे में नौ शक्तिशाली बम समेत संदिग्ध साहित्य बरामद किए गया था।
रांची के एसएसपी ने बताया है कि इस मामले में इम्तियाज़ को भी आरोपी बनाया गया है और उन्हें रांची पुलिस रिमांड पर लेगी. पटना धमाके की छानबीन में एनआईए की टीम लगातार जुटी है।
एसएसपी ने बताया कि रांची पुलिस एनआईए का सहयोग कर रही है।
एनआईए और पुलिस के अधिकारियों ने सीठियो गांव जाकर नुमान और तौफीक के परिजनों से भी बातचीत की है।
पुलिस का कहना है कि संदिग्धों के परिजन जांच में सहयोग कर रहे हैं। एसएसपी ने बताया है कि नुमान, तौफ़ीक़, मुजीबुल्लाह के संदिग्ध ठिकानों पर पुलिस चौकसी कर रही है।