बिहार के बेतिया में एक यात्री बस की ब्रेक फेल हो गई, जिससे वह एक बाइक पर सवार दो लोगों को रौंद कर पलट गई। इस हादसे में सात लोग घायल हो गए। वहीं, दो की स्थिति अभी चिंताजनक बनी हुई है। बताया जा रहा है कि बस रामपुर से बेतिया जा रही थी। यह दुर्घटना शनिवार को बसंतपुर-पुरुषोत्तमपुर मुख्य पथ पर बभनौली गांव के पास हुई।
जानकारी के मुताबिक, बस शनिवार को 9:30 बजे रामपुर से बेतिया जा रही थी। उसी दौरान बसंतपुर-पुरुषोत्तमपुर मुख्य पथ पर बभनौली गांव के पास बस अनियंत्रित हो गई। उसी दौरान बस सड़क के किनारे बाइक पर बैठे संतोष कुमार और उसके बेटे अंकित कुमार को रौंदते हुए पलट गई। इस हादसे में सात लोग घायल हो गए। घायलों में भेड़िहरवा के संतोष कुमार (35) और उसके बेटे अंकित कुमार (12), झंझरी जोगिंदर राम (40), दिउलिया के दिना राम (34) और उनकी मां दुखनी देवी (60), पीपरपाती की सबरून खातून (32) और जब्दी की राजवंती देवी (45) शामिल हैं। इनमें संतोष और उसके बेटे अंकित की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सभी घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैनाटाड़ में किया जा रहा है।
यात्रियों ने बताया कि ड्राइवर बस को तेज गति से चला रहा था। ड्राइवर ने यात्रियों को बताया कि वह समय से लेट हो गया है। जैसे ही वह बभनौली गांव के पास आया, यहां बस अनियंत्रित होकर बाइक पर बैठे दो लोगों रौंदते हुए नहर किनारे पलट गई। इस वजह से सात लोग घायल हो गए। चालक जोगिंदर साह ने बताया कि ब्रेक फेल हो जाने के कारण बस पलट गई।
संतोष कुमार अपने बेटे अंकित को स्कूल पहुंचाने जा रहा था। उस दौरान फोन आ जाने पर सड़क किनारे रुक कर बात कर रहा था। तभी बस ने दोनों को रौंद दिया। अंकित कुमार मदर इंटरनेशनल स्कूल मैनाटाड़ के वर्ग चौथा का छात्र है।
सीएचसी से महज दो किलोमीटर दूर हुई बस दुर्घटना की जानकारी अस्पताल प्रबंधक को देने के बाद भी मौके पर एम्बुलेंस नहीं पहुंची। इससे लोगों में आक्रोश देखा गया। आक्रोशित उप मुखिया धनंजय कुमार, ओमप्रकाश साह, धर्मेंद्र यादव, प्रदीप यादव, ओमप्रकाश पटेल, वीरेंद्र यादव, जवाहिर पटेल, विजय यादव और गणेश साह आदि ने बताया कि दुर्घटना होने के तुरंत बाद इसकी जानकारी अस्पताल प्रबंधक को दी गई। लेकिन अस्पताल प्रबंधक की ओर से घटनास्थल पर एम्बुलेंस नहीं भेजी गई। जैसे-तैसे सभी घायलों को निजी सवारी से अस्पताल पहुंचाया गया।
इधर, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार चौधरी ने बताया कि अस्पताल में दो एम्बुलेंस हैं। जबकि एक एम्बुलेंस क्षेत्र में मरीज लेकर गई हुई थी। वहीं, दूसरी एम्बुलेंस में तीन दिनों से तेल नहीं होने के कारण उसकी सेवा बाधित है। उन्होंने बताया कि बराबर एम्बुलेंस में सप्ताह में दो से तीन दिन तक तेल नहीं होने की समस्या बनी रहती है। इससे सप्ताह में दो से तीन दिन एम्बुलेंस सेवा ठप रहती है।