फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिहार में पाकिस्तानी लड़की को बनाया स्वच्छता का 'ब्रांड एंबेसडर',CM नीतीश ने दिए जांच के आदेश

Sat, 05 May 2018 05:33 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमुई
विज्ञापन
विज्ञापन
बिहार के जमुई जिले में 'स्वच्छ जमुई स्वस्थ जमुई' की ब्रांड एंबेसडर के रूप में पाकिस्तानी लड़की की फोटो छपने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जांच के आदेश दे दिए हैं। बिहार में स्वच्छता अभियान को लेकर कई अभियान चलाए जा रहे हैं। जगह-जगह साफ सफाई को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए जिला समितियां हर संभव कोशिश कर रही हैं।  पिछले दिनों स्वच्छ अभियान को लेकर बिहार की जिला समिति इतनी गंभीर हो गई कि इसको बढ़ावा देने के चक्कर बिना सोचे समझें  पाकिस्तान की लड़की को ही अपना ब्रांड एंबेसडर बना दिया।
विज्ञापन


इसपर जिला प्रशासन की काफी किरकिरी भी होने के बाद मामला मुख्यमंत्री दरबार तक पहुंच गया। आनन-फानन में मुख्यमंत्री ने भी इसके जांच के आदेश दे दिए हैं। मामला बिहार के जमुई जिले का है जहां  'स्वच्छ जमुई स्वस्थ जमुई' अभियान के लिए जिला समिति ने पाकिस्तान की बच्ची को इसका ब्रांड एंबेसडर बना दिया।

लेकिन जब मामला सामने आया तो जिला जल एवं स्वच्छता समिति की काफी फजीहत हुई। दरअसल लोगों को जागरूक करने के लिए जल एवं स्वच्छता समिति ने एक नोटबुक तैयार करवाई है जिसके कवर पेज पर एक छोटी बच्ची की तस्वीर लगाई गई है।
विज्ञापन




 
विज्ञापन

मुस्कुराती हुई लड़की की फोटो देख उसे नोट बुक पर छापने की स्वीकृति दी

नीतीश कुमार
जब विभाग के कर्मचारी इस तस्वीर को लेकर तत्कालीन डीएम डॉ. कौशल किशोर के पास पहुंचे तो उन्होंने मुस्कुराती हुई लड़की की फोटो देख उसे नोट बुक पर छापने की स्वीकृति दे दी थी। मामला तब सामने आया जब नोटबुक छप गईं और उसे बांट दिया गया। इस तस्वीर पर गौर किया गया तो पाया कि बच्ची पेंटिग प्रतियोगिता में पाकिस्तान का झंडा बना रही है। फिर क्या था मामला फिर आग की तरह पूरे जिले में फैल गया। 

खोजबीन करने पर पता चला कि लड़की यूनीसेफ द्वारा पाकिस्तान की शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए उपयोग की जा रही है। इतना ही नहीं शिक्षा के लिए पाकिस्तान में इस बच्ची की तस्वीर को एक ब्रांड के रूप में भी इस्तेमाल किया जा रहा है। 

जिला जल एवं स्वच्छता समिति ने इस नोटबुक की करीब पांच हजार कॉपियां छपवाईं हैं और इसे जिले के सभी स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों और कस्तूरबा विद्यालय की बच्चियों के बीच बांट भी दी हैं। वहीं जब इस मामले में पटना की प्रिंटिंग प्रेस सुप्रभ इंटरप्राइजेज से बात की गई तो उन्होंने बताया कि डीएम की मंजूरी के बाद ही तस्वीर लगाई गई है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें