सुजनी कला के लिए निर्मला देवी को मिलेगा पद्मश्री सम्मान।
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देशभर में 113 हस्तियों को समाज में अलग-अलग विधाओं में विशेष योगदान देने के लिए उन्हें पद्मश्री सम्मान दिया गया है, जिसमें मुजफ्फरपुर की निर्मला देवी भी हैं। निर्मला देवी को कला के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने पर पद्मश्री सम्मान देने की घोषणा की गई है।
क्या है सुजनी कला
निर्मला देवी (76) बिहार के मुजफ्फरपुर जिला की गायघाट थाना क्षेत्र के भूसरा की रहने वाली हैं। उन्हें सुजनी कला के लिए पद्मश्री सम्मान दिया गया है। निर्मला देवी की शादी छपरा जिला के मढ़ौरा में हुई थी। बिहार की सुजनी कला को भारत सरकार ने इस बार GI टैग दिया है और अब वही इस कला में कपड़े में कढ़ाई की जाती है। सुजनी कढ़ाई में सु का अर्थ होता है सुविधा और जानी का अर्थ होता है जन्म। यह एक लकड़ी या फिर स्टील के फ्रेम के अंदर में कपड़े पर धागे से कढ़ाई करने की कला है, जिसे सूजनी कला कहा जाता है। निर्मला देवी अब सुजनी कला को ग्रामीण क्षेत्र में इसके के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को सीखा रही हैं। सुजनी कला आज इस क्षेत्र में रोजगार के मार्ग को सृजित कर रही है।
पद्मश्री मिलना सम्मान की बात
पद्मश्री सम्मान मिलने की जानकारी मिलने पर निर्मला देवी ने बताया कि वह करीब 39 वर्ष से सुजनी कला में लगातार काम कर रही हैं और आज जिस प्रकार से उनको यह सम्मान मिला है, यह मुजफ्फरपुर जिला के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि सुजनी कला में भारत सरकार के द्वारा पद्मश्री मिलना मेरे, मेरे परिवार और जिला के लिए गर्व की बात है। हमलोग इसके लिए भारत सरकार को विशेष रूप से धन्यवाद देते हैं।