आखिरकार केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने विशेष राज्य का दर्जा मिलने की बिहार की उम्मीद को पुख्ता कर ही दिया।
उन्होंने शनिवार को पटना हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विशेष दर्जे के मापदंड को पुनर्निर्धारित करने के लिये केंद्र सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार रघुराम राजन की अध्यक्षता में जल्द ही एक कमेटी का गठन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह कमेटी एक महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट दे देगी, जिसके आधार पर ही विशेष राज्य के दर्जे के संबंध में कोई निर्णय लिया जाएगा। नए मापदंडों पर बिहार निश्चित रूप से खरा उतरेगा।
उल्लेखनीय है कि चिदंबरम ने अपने बजट भाषण के दौरान विशेष राज्य के दर्जे के लिए नए मापदंड बनाए जाने की बात कही थी।
इस दौरान उन्होंने प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहर को विश्व धरोहर घोषित किए जाने की वकालत की।
उन्होंने कहा कि इसके लिये केंद्र सरकार संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) से आग्रह करेगी।
साथ ही उन्होंने नालंदा में स्थापित होने जा रहे नालंदा अंतरर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय को पर्याप्त धन मुहैया कराने का आश्वासन भी दिया।
उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय को अगले दस साल तक केंद्र सरकार 2000 करोड़ रुपये मुहैया कराएगी।