पूर्व कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह के खिलाफ जमानती वॉरेंट जारी हुआ था। इस बीच पुलिस उनकी तलाश में उनके घर और पैतृक गांव पहुंची। हालांकि, दोनों की जगह वह नहीं पहुंचे। पटना एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि हमारी टीम मोकामा में उनके पैतृक गांव पर गई लेकिन वे नहीं मिले। कल कंकड़बाग में उनके घर पर टीम गई पर वे नहीं मिले। कोर्ट को सूचित कर दिया गया है, अगली सुनवाई 14 सितंबर को होगी।
इससे पहले बिहार के दानापुर कोर्ट ने राज्य के पूर्व कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अपहरण के एक मामले में सिंह के खिलाफ कथित तौर पर गिरफ्तारी वारंट जारी है। दरअसल, कार्तिकेय सिंह ने बीते बुधवार (30 अगस्त) को ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्हें सुबह ही राज्य के गन्ना उद्योग मंत्री का प्रभार सौंपा गया था। इससे पहले वे कानून मंत्रालय संभालते थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपहरण के आरोप से घिरे कार्तिकेय सिंह (Kartikeya Singh) से कानून मंत्रालय की जिम्मेदारी छीन ली थी।
16 अगस्त को सरेंडर करने के लिए कहा था
कार्तिकेय कुमार सिंह के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज है और इसी वजह से कोर्ट ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया था और 16 अगस्त को सरेंडर करने के लिए कहा था। विवाद उस समय उठा जब बाहुबली कार्तिकेय सिंह (Kartikeya Singh) को सरेंडर कराने के बजाय उसी दिन कानून मंत्री पद की शपथ दिला दी गई थी।
कार्तिकेय के खिलाफ मामला क्या है?
दरअसल, साल 2014 में एक शख्स का अपहरण हुआ था। इस मामले में कार्तिकेय सिंह भी आरोपी हैं। उनके खिलाफ अदालत ने वारंट जारी किया है। उन्हें 16 अगस्त को पेश होना था लेकिन वे उस दौरान शपथ ले रहे थे। कार्तिकेय सिंह ने अभी तक ना तो कोर्ट के सामने सरेंडर किया है ना ही जमानत के लिए अर्जी दी है।
कार्तिकेय के ऊपर कितने मुकदमे चल रहे हैं?
चुनावी हलफनामे में कार्तिकेय ने अपने ऊपर चार मामले दर्ज होने की जानकारी दी है। इन मामलों में उनके ऊपर चोरी, अपहरण, दंगा करने, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, आपराधिक साजिश रचने, जबरन वसूली, घातक हथियारों से लैस होकर दंगा करने से जुड़े आरोप हैं। इसके साथ ही सार्वजनिक सड़क, पुल, नदी या चैनल को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप उनके ऊपर है।