बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को मीडिया पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी से मेरी नजदीकी दिखा कर मीडिया मेरी राजनीतिक हत्या कराना चाहती है। इसलिए ऐसी साजिश रची जा रही है। जनता दल यूनाइटेड की विधानमंडल की बैठक में विधायकों को संबोधित करते हुए नीतीश ने साफ किया कि कालेधन पर केंद्र की मोदी सरकार को समर्थन भाजपा का समर्थन नहीं है।
नीतीश ने बैठक में साफ किया कि वो न तो बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिले हैं और न ही पीएम नरेन्द्र मोदी से उनकी कोई बात हुई है। कुछ स्वार्थी तत्व इस तरह की झूठी खबरें फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं एक बात साफ कर दूं कि हम नोटबंदी के फैसले के साथ हैं, बीजेपी के साथ नहीं। नीतीश ने कहा कि यूपीए सरकार के समय भाजपाशासित राज्य जीएसटी का विरोध कर रहे थे, उस समय भी उन्होंने राष्ट्रीय हित में इसका समर्थन किया था। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे, कालाधन पर कार्रवाई और जीएसटी जैसे राष्ट्रीय हित के मुद्दे जैसी हर अच्छी बात का उन्होंने समर्थन किया है। आज कल राजनीतिक सवालों पर उनकी राय जाहिर होने के बाद उसकी अनर्गल राजनीतिक व्याख्या की जाने लगती है। लेकिन, वे इसकी चिंता नहीं करते हैं।
नीतीश ने कहा कि नोटबंदी का फैसला पर्याप्त कदम नहीं है। जब तक सभी तरह की बेनामी संपत्ति पर प्रहार नहीं होगा, कालाधन उजागर नहीं हो सकता है। साथ ही बीजेपी पर कई गंभीर आरोप भी लगाए। नीतीश ने कहा कि बीजेपी सरकार उन्मादी राजनीति, समाज को बांटने की प्रवृति और संघीय ढांचे पर प्रहार करती है। इसलिए जदयू का संघर्ष देश को भाजपा मुक्त बनाने तक जारी रहेगा।
नीतीश के भाषण से साफ था कि वह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा पहले ट्वीट कर और फिर अपने भाषण में काले धन के मुद्दे पर नीतीश के समर्थन के लिए धन्यवाद देने के बाद से शुरू हुई राजनीतिक अटकलों पर विराम लगाना चाहते हैं।