बिहार में चुनाव तारीखों की घोषणा होते ही सर्वे करने वालों के बीच बिहार में किसकी जीत होगी इसको जानने के लिए होड़ सी लग गयी है। बिहार में दो सर्वे हुए जिनके नतीजों में बीजेपी पर जनता परिवार का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। हालांकि असली नतीजे तो मतगणना के बाद ही पता चलेंगे।
243 विधानसभा सीटों वाले बिहार के लिए सर्वे में आरजेडी, जदयू और कांग्रेस का महागठबंधन बिहार चुनाव में करीब 116 से 132 सीटें जीतता दिख रहा है। वहीं भाजपा, एलजेपी, रालोसपा और हम के गठबंधन को इस चुनाव में 94 से 110 सीटें मिलने की उम्मीद है। इस पोल के मुताबिक अन्य को भी 13 से 21 सीटें मिलती दिख रही हैं।
यह आंकलन इंडिया टीवी के सी-वोटर्स के ओपिनियन पोल में सामने आया है। सी-वोटर्स ने बिहार के 243 हिस्सों के करीब 10,638 लोगों से ओपिनियन ली। सी वोर्टस ने यह भी कहा कि इस ओपिनियन पोल में 3 फीसदी की ऊंच-नीच राज्य के स्तर पर और 5 फीसदी की ऊंच नीच स्थानीय स्तर पर हो सकती है।
साल 2010 के विधानसभा चुनाव के दौरान बिहार और जेडीयू के गठबंधन को 206 सीटें मिली थीं, जबकि लालू यादव और पासवान के गठबंधन को सिर्फ 25 सीटें ही नसीब हुईं। हालांकि साल 2014 के लोकसभा चुनाव में एनडीए (भाजपा-लोजपा-रालोसपा) को 174 सीटें मिली, जबकि मोदी लहर में लालू और नीतीश की जोड़ी सिर्फ 51 सीटों पर ही अपना कब्जा जमा पाई।
जब लोगों से पूछा गया कि उनकी नजर में बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर कौन सबसे ज्यादा पसंदीदा है तो 53 फीसदी लोगों ने नीतीश कुमार को अपनी पहली पसंद बताया जबकि 18 फीसदी लोगों ने भाजपा नेता सुशील मोदी का नाम लिया, वहीं 5 फीसदी लोगों ने लालू प्रसाद और शत्रुघन सिन्हा का भी नाम लिया।
अगर मतदान प्रतिशत की बात की जाए तो इस बार लालू-नीतीश और कांग्रेस के महागठबंधन को 43 फीसदी वोट मिलते दिख रहे हैं जबकि भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन को 40 फीसदी वोट मिलने का ही अनुमान है। वहीं 17 फीसदी वोट अन्य दलों को भी मिलते हुए दिख रहे हैं।