नोटबंदी पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को अपने उस बयान पर कायम रहे, जिसमें उन्होंने कहा था कि नोटबंदी केंद्र सरकार का सही फैसला है। साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ किसी भी कार्रवाई का समर्थन करेंगे।
2019 लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए एक संभावित विपक्षी उम्मीदवार के रूप देखे जा रहे नीतीश कुमार ने दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहा कि गैर भाजपा दलों को एकसाथ लाने के लिए वर्तमान में कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी पार्टियों का महागठबंधन को चुनाव जीतना तय है लेकिन ऐसा कोई दृश्य नहीं दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ बढ़ती उनकी निकटता केवल एक अफवाह है।
केंद्र सरकार की नोटबंदी को नीतीश का भरपूर समर्थन है जबकि उनकी पार्टी जदयू द्वारा बुलाई गई बैठक में वरिष्ठ नेता शरद यादव ने उनकी मौजूदगी में विमुद्रीकरण पर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा था। नीतीश ने कहा कि ‘नोटबंदी एक सकारात्मक पहल है, जिससे लाभ होगा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और कालाधन एक नासूर घाव की तरह है, इसका खात्मा होना जरूरी है। यही कारण है कि हमने विमुद्रीकरण को अपना समर्थन दिया है। जब भी भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई होगी, मैं उसका समर्थन करूंगा।’
लोगों को नोटबंदी से हो रही कठिनाइयों पर शरद यादव और अन्य विपक्षी पार्टियों द्वारा सवाल उठाए जाने के बारे नीतीश ने कहा, ‘मैं इस बारे में कुछ नहीं बोलता क्योंकि कठिनाइयों का सामना करने वालों को बोलना चाहिए।’