प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के खिलाफ देशभर के भाजपा विरोधी दलों को एकजुट करने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्षी एकता की दूसरी बैठक से लौटने के बाद अपने गृह जिला नालंदा पहुंचकर चुप्पी तोड़ी। 23 जून को पटना में विपक्षी दलों की पहली बैठक सफलतापूर्वक करने वाले नीतीश ने 17-18 जून को बेंगलुरु में दूसरी बैठक में शिरकत की, लेकिन वहां मीडिया से बात किए बगैर निकल आए। मंगलवार शाम साढ़े 7 बजे पटना उतरने के बाद भी वह चुपचाप आवास चले गए। अब बुधवार सुबह राजगीर पहुंचकर मलमास मेला का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने मीडिया के सामने अपनी नाराजगी समेत तमाम सवालों का जवाब दिया।
ललन सिंह ने सूत्रधार बताते हुए कहा था- नाराजगी नहीं
मुख्यमंत्री मंगलवार शाम साढ़े 7 बजे बेंगलुरु से पटना पहुंचे। सुबह 11 बजे उन्हें राजगीर जाना था। पटना एयरपोर्ट से उन्हें हेलीकॉप्टर के जरिए राजगीर निकलना था। वह जिस हेलीकॉप्टर से जाने वाले थे, वह बेंगलुरु से मरम्मत के बाद देर से पहुंचा। नीतीश को एयरपोर्ट पर आने में देर हुई और वह यहां इंतजार कर रहे मीडियाकर्मियों से मुखातिब भी नहीं हुए। उनके पहले जदयू अध्यक्ष ललन सिंह आए और मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए मीडिया को नीतीश की नाराजगी की खबर के लिए सौ बात सुनाकर चले गए। एयरपोर्ट पर ललन सिंह ने कहा कि "नीतीश कुमार विपक्षी एकता के सूत्रधार हैं। सूत्रधार कभी नाराज नहीं होता। यह अफवाह मीडिया द्वारा फैलाई जा रही है। यह बात पूरी तरह गलत है। कोई नाराजगी नहीं है। मुंबई में जो अगली बैठक होगी, उसमें आगे की रणनीति तय होगी। विपक्षी एकता का नाम I.N.D.I.A. भी सभी की सहमति से रखा गया है। कोई आपत्ति नहीं है।”