सीएम नीतीश कुमार और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
राज्यपाल अर्लेकर विश्वनाथ अर्लेकर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से शिकायत की है। राज्यपाल ने कहा कि आपने देखा है कि मुख्यमंत्री ने कितना काम किया है। आप इतना सोच नहीं सकते हैं, इतना कर नहीं सकते हैं; जितना काम किया है। लेकिन, विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति को अगर आप नीचे रखेंगे तो कुलाधिपति इस पर जरूर विचार नहीं कर सकते। कुलाधिपति की जो भी वहां हैसियत है, उसपर विचार करने की, पुनर्विचार करने की आवश्यकता है शिक्षा विभाग को।
इन दोनों बातों पर विचार करने की आवश्यकता है
राज्यपाल ने कहा कि आप कुलाधिपति को वहां से टोकते रहेंगे और अपेक्षा करते रहेंगे, ऐसा नहीं हो सकता है। मुझे लगता है कि इन दोनों बातों पर विचार करने की आवश्यकता है। कोई चिंता का विषय नहीं है। यह समन्वय का विषय है। संघर्ष का विषय नहीं है। तनाव की बात आती है, लेकिन मेरे और मुख्यमंत्री के बीच में कोई तनाव नहीं है। हम दोनों इकट्ठा बैठ सकते हैं। हम दोनों इकट्ठा बैठकर विचार कर सकते हैं। इस पूरे विषय पर समाधान निकाल सकते हैं, ऐसा मेरा विश्वास है। शिक्षक दिवस पर अपने अगर इस शिक्षा के सिस्टम को, प्रदेश के शिक्षा के सिस्टम को ठीक करने का संकल्प किया जाए तो इससे बेहतर कुछ नहीं होगा।
पहली बार पटना विवि के कार्यक्रम में राज्यपाल अर्लेकर और सीएम नीतीश कुमार एक साथ पहुंचे
दरअसल, पटना विश्वविद्यालय के नए व्हीलर सीनेट हॉल का भी उद्घाटन किया जाना था। इसको लेकर विवि प्रशासन की ओर से राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आमंत्रित किया गया था। ऐसे में नीतीश कुमार जब स्टेज पर पहुंचे तो
रेड कारपेट पर वह लड़खड़ा गए। इसके बाद उनके बॉडीगार्ड ने उन्हें संभाला। इसके बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने व्हीलर सीनेट हॉल का भी उद्घाटन किया। विवि के किसी भी कार्यक्रम में कुलाधपति सह राज्यपाल के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहली बार मंच साझा कर रहे हैं। व्हीलर सीनेट हॉल का नव सौन्दर्यीकृत किया गया है। शिक्षक दिवस पर सेवानिवृत्त 35 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। 21 शिक्षक एवं कर्मचारी भी सम्मानित हुए।