भागलपुर में विक्रमशिला पुल का एक हिस्सा गिरने के बाद एक बार फिर से बिहार में पुलों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। बिहार सरकार ने इसको लेकर ऑडिट करवाया है। बिहार में पुलों की सुरक्षा को लेकर चल रहे व्यापक स्ट्रक्चरल ऑडिट में चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। ऑडिट के मुताबिक, बिहार में नौ पुलों की हालत जर्जर है और कई पुलों की स्थिति चिंताजनक है। उन्हें तत्काल मरम्मत और मजबूत किए जाने की जरूरत है।
मुजफ्फरपुर के दो पुल की हालत जर्जर
आईआईटी पटना ने पथ निर्माण विभाग को सौंपी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा कि मुजफ्फरपुर में दो पुलों की हालत सबसे ज्यादा खराब है। इनमें स्टेशन के पास स्थित पुल और बैरिया से जीरो माइल के बीच गंडक नदी पर बना पुल शामिल है। इसके अलावा, गया जिले में तीन और लखीरसराय के दो पुलों को आवश्यक रखरखाव की जरूरत है। सूची में भागलपुर विक्रमशिला सेतु और हाजीपुर में रेलवे के पुराने पुल के पास बना एक पुल भी शामिल है। स्टेट ब्रिज कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन ने भी माना कि प्रदेश में नौ पुल ऐसे हैं, जिन्हें तुरंत मरम्मत की जरूरत है।
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85 पुलों की जांच की जिम्मेदारी आईआईटी को
अगवानी घाट पुल हादसे के बाद राज्य सरकार ने सभी प्रमुख पुलों की सुरक्षा जांच का फैसला लिया था। इसी के तहत जून 2025 से ऑडिट का काम शुरू हुआ था। आईआईटी पटना को कुल 85 पुलों की जांच की जिम्मेदारी दी गई थी। इनमें से अब तक 47 पुलों की रिपोर्ट विभाग को मिल चुकी है। रिपोर्ट सामने आने के बाद पुल निर्माण निगम और पथ निर्माण विभाग हरकत में आ गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, चिन्हित पुलों की मरम्मत के लिए जल्द ही निविदा जारी की जाएगी। सरकार का दावा है कि किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। सभी कमजोर पुलों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित किया जाएगा।