बिहार में भाजपा के साथ गठबंधन सरकार चला रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नीत जनता दल यूनाइटिड (जदयू) ने इस साल झारखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भगवा दल से गठजोड़ नहीं करने और अपने दम पर चुनाव लड़ने का रविवार को एलान किया। पार्टी ने यह भी एलान किया कि वह भीड़ हत्या, भ्रष्टाचार और दुष्कर्म की घटनाओं से त्रस्त राज्य में एक नया विकल्प देने की कोशिश करेगी।
जदयू की झारखंड इकाई के प्रमुख सुलखान मुर्मू ने नीतीश कुमार और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर के साथ विचार-विमर्श के एक दिन बाद रविवार को पटना में घोषणा की, झारखंड विधानसभा चुनाव उनकी पार्टी अकेले अपने बलबूते लड़ेगी।
पटना में मुर्मू ने कहा, हमारी कोशिश है कि हम झारखंड में अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ें। हम कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, यह जीतने वाले उम्मीदवारों की संख्या पर निर्भर करता है। अगर हमें अच्छे उम्मीदवार मिलते हैं तो हम झारखंड की सभी 81 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि झारखंड के सभी जिला मुख्यालयों पर 20 अगस्त को ‘नीतीश लाओ झारखंड बचाओ ’अभियान शुरू किया जाएगा और इसके पांच दिन बाद 25 अगस्त को रांची में नीतीश कुमार स्वयं चुनावी बिगुल फूंकेंगे।