जैसे-जैसे बिहार में चुनाव आगे बढ़ रहा है वैसे दलों में फूट पड़ने का सिलसिला जारी है। पहले महागठबंधन और अब तीसरा मोर्चा भी बिखर गया है।
एनसीपी ने बृहस्पतिवार को एलान किया कि वह बिहार में अकेले चुनाव लड़ेगी। मुलायम की सपा एक बार फिर गठबंधनहीन हो गई है। सपा ने महागठबंधन से अलग होकर तीसरे मोर्चे का गठन बड़े धूमधाम से किया था।
एनसीपी के तारिक अनवर को मोर्चे का मुख्यमंत्री उम्मीदवार भी घोषित कर दिया, लेकिन एनसीपी शुक्रवार को तीसरे मोर्चे से बाहर हो गई।
अनवर ने कहा कि सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने भाजपा की तारीफ कर गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया। बृहस्पतिवर को एनसीपी नेता तारिक अनवर ने चुनाव अकेले लड़ने का एलान कर दिया है।
बिहार में राजग की लहर
पिछले दिनों मुलायम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि बिहार में राजग की लहर है।
मुलायम के इसी बयान से तारिक अनवर नाराज हैं। वैसे तो तीसरे मोर्चे में छह पार्टियां शामिल हैं। जिसमें एसपी, एनसीपी, पप्पू यादव का जन अधिकार मोर्चा, देवेंद्र यादव की समाजवादी जनता पार्टी, नागमणि की समरस समाजवादी पार्टी और पीए संगमा की नेशनल पीपुल्स पार्टी, लेकिन इस मोर्चे में तीन प्रमुख घटकों में एनसीपी प्रमुख थी।
उस पर तारिक अनवर इस मोर्चे के नेता थे। एनसीपी और तारिक के बिना इस मोर्चे को अब नए सिरे से सब कुछ तय करना होगा, जिसके लिए अब समय नहीं है।