सीने पर कलश स्थापित कर मां की साधना में लीन भक्त
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बिहार के बेतिया जिले के मझौलिया थाना क्षेत्र के माधोपुर मलाई टोला ब्रह्म स्थान के पास गांव का ही निवासी रविकांत कुमार चौधरी (18) मां जगदंबा की साधना में पूरी तरह लीन है। रविकांत दशहरा भर पूरे नवरात्र के नौ दिन अपने सीने पर 31 कलश स्थापित कर बिना कुछ खाए पिए मां की भक्ति में लीन रह रहा है। उसने अपने सीने पर स्थापित कलशों में जई भी रोपी हुई है और इस साधना में उसे कोई परेशानी न होने का दावा किया जा रहा है। इसको लेकर लोग कई तरह की बातें कह रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि मां जगदंबा का भक्त रविकांत दिन और रात मिलाकर मात्र एक से दो चम्मच पानी ही पीते हैं। वह पानी के सहारे नवमी तक मां की भक्ति में लीन रहेंगे। जगदंबा मां के भक्त रविकांत कुमार चौधरी ने बताया कि वह यह कलश अपने शरीर पर तीन वर्षों से लगातार स्थापित कर रहा है। वह मां का भक्त है और मां को अपने शरीर पर बुलाता है। मां आकर उसे आशीर्वाद देती हैं। उसने आगे बताया कि वह बगैर कुछ खाए पिए अपने शरीर पर कलश स्थापना करता है। लेकिन उसे थोड़ी सी भी परेशानी नहीं होती है, क्योंकि उसके ऊपर मां मौजूद रहती है।
ग्रामीण ने बताया कि भक्त रविकांत कुमार चौधरी क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। उसे देखने के लिए लोग दूर-दराज से आ रहे हैं। फिर इस सच को देख लोग दंग रह जा रहे हैं, जितने मुंह उतनी बातें सुनने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे दैवीय प्रकोप भी मान रहे हैं। उनका कहना है कि इस धरती पर अगर इंसान एक से दो दिन नहीं खाए तो उसकी स्थिति दयनीय हो जाती है। लेकिन जो व्यक्ति नौ दिनों तक बिना खाए-पिए मां की भक्ति में लीन है और उसको थोड़ी सी भी परेशानी नहीं हो रही है। इसका मतलब उसके ऊपर देवी-देवता साक्षात हैं।