बिहार के वैशाली में अंतरधार्मिक विवाह करने वाले युवक की हत्या करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस हत्याकांड में दरोगा समेत 11 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। बताया जा रहा है कि आरोपी मृतक की पत्नी के मायके वालों के साथ मिलकर हत्या करने मामले में फरार चल रहा था। अब उसे पातेपुर थाना पुलिस अधिकारी ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद उसे जेल भेज दिया है।
जानकारी के मुताबिक, बीते 15 जनवरी को पातेपुर थाने में तैनात तत्कालीन अपर थाना अध्यक्ष हसन सरदार के इशारे और बहुआरा पंचायत सरपंच शुशीला देवी के बहकावे में आकर लड़की वालों और उसके समर्थकों द्वारा बेटे की हत्या करने का मामला दर्ज कराया गया था। इस मामले में पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बाकी बचे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कार्रवाई में जुटी है। इसी बीच पुलिस ने समरुल मियां के बेटे आरोपी तस्लीम मियां को पकड़ कर जेल भेज दिया है।
बताया जा रहा है कि मालपुर गांव निवासी मोहम्मद शौकत अली की बेटी मुशरत खातून (21) ने गांव के ही सत्यनारायण चौधरी के संतोष कुमार (24) से दिल्ली पहुंचकर शिव मंदिर में शादी की थी। उन लोगों ने मंदिर में भगवान शिव को साक्षी मानकर साथ जीने-मरने की कसमें खाकर सात फेरे लिए थे।
जानकारी के अनुसार, संतोष कुमार का मुशरत खातून के साथ तीन साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। संतोष दिल्ली की किसी कंपनी में काम करता था। इसी कारण दोनों एक-दूसरे से नहीं मिल पाए थे। बताया जा रहा है कि बिरह से बचने के लिए मुशरत अपना मोबाइल बेचकर दिल्ली पहुंच गई थी। उसके बाद मुशरत और संतोष ने शिव मंदिर में शादी कर ली थी। इस शादी को लेकर मुशरत के परिवार वाले नाराज चल रहे थे।