बेलसर थानाध्यक्ष को किया गया निलंबित
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वैशाली जिले में शराब बरामदगी के एक मामले में बेलसर थानाध्यक्ष की संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है। वैशाली के पुलिस अधीक्षक हरकिशोर राय ने बताया कि थानाध्यक्ष को शराब कांड में संलिप्तता और निर्दोष व्यक्ति को फंसाने के आरोप में निलंबित किया गया है।
असली आरोपियों को बचाने और निर्दोष को फंसाने का आरोप
जानकारी के मुताबिक, रविवार को बेलसर थानाक्षेत्र के मानपुरा गांव में एक तेल टैंकर में बने तहखाने से पुलिस ने विदेशी शराब बरामद की थी। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में कुछ निर्दोष लोगों के नाम जोड़ते हुए प्राथमिकी दर्ज की और उनमें से एक युवक सनोज सिंह को हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद बेलसर पुलिस पर यह आरोप लगा कि उन्होंने असली अपराधियों को बचाते हुए निर्दोष युवक को फंसाया है।
ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर दिखाया आक्रोश
युवक की हिरासत के बाद इस घटना को लेकर क्षेत्र में काफी नाराजगी फैल गई। मंगलवार को स्थानीय ग्रामीणों ने बेलसर थाना पहुंचकर थानाध्यक्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और निर्दोष युवक को छोड़ने की मांग की। ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता देख मौके पर एसडीपीओ गोपाल मंडल पहुंचे और मामले की जांच की। जांच के बाद पाया गया कि सनोज सिंह की इस शराब कांड में कोई संलिप्तता नहीं है। इसके बाद एसपी के निर्देश पर बुधवार को सनोज सिंह को पीआर बांड पर रिहा कर दिया गया।
एसपी ने थानाध्यक्ष को किया निलंबित
पुलिस अधीक्षक हरकिशोर राय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई करते हुए बेलसर थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया। उन्होंने बताया कि थानाध्यक्ष का आचरण शराब कांड में संदिग्ध पाया गया है। इस पर कठोर कदम उठाते हुए उन्हें निलंबित किया गया है।
पुलिस ने बताया कि इस मामले की विस्तृत जांच जारी है। अन्य आरोपियों की पहचान और सबूतों को इकट्ठा किया जा रहा है ताकि असली दोषियों को पकड़ा जा सके। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि कानून से खिलवाड़ करने वाले किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही भविष्य में इस तरह की लापरवाही या संदिग्ध कार्रवाई पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।