बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद शराब तस्करों के हौसले बुलंद हैं। वैशाली जिले के राजापाकर थाना क्षेत्र में शराब तस्कर के घर छापामारी करने गई पुलिस टीम पर हमला किया गया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालांकि पुलिस टीम ने एक महिला को पकड़ लिया और थाने लौट गई।
शराब कारोबारी मौके से हुआ फरार
जानकारी के मुताबिक, घटना राजापाकर थाना क्षेत्र के भलुई गांव की बताई जा रही है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शराब तस्कर संजीत राय के घर पर शराब की बड़ी खेप उतरने वाली है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम गठित कर संजीत राय के घर छापामारी के लिए पहुंची। लेकिन जैसे ही पुलिस वहां पहुंची, संजीत राय मौके से फरार हो गया।
परिजनों ने पुलिस टीम पर किया हमला
संजीत राय के फरार होते ही उसके घरवालों ने पुलिस पर हमला कर दिया। पुलिस ने जब छानबीन शुरू की, तो संजीत राय के परिजनों ने विरोध करते हुए पुलिस से धक्का-मुक्की की। थाना प्रभारी बीना कुमारी और डायल 112 की महिला सिपाही इस हमले में घायल हो गईं। मौके पर स्थिति बिगड़ती देख थाना प्रभारी ने डायल 112 की टीम को बुला लिया, लेकिन तब तक हमलावरों की भीड़ इकट्ठा हो चुकी थी।
हालांकि पुलिस ने संजीत राय के घर से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की है। साथ ही, पुलिस ने संजीत राय की मां को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और फरार शराब कारोबारी की तलाश में छापामारी अभियान चला रही है।
राजापाकर थाना अध्यक्ष बीना कुमारी ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर हमारी टीम संजीत राय के घर छापामारी करने पहुंची थी। उसी दौरान संजीत राय मौके से फरार हो गया। उसकी घर की महिलाओं ने पुलिस टीम से धक्का-मुक्की की। हालांकि हमने मौके से भारी मात्रा में विदेशी शराब जब्त की है और संजीत राय की मां को गिरफ्तार कर लिया गया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापामारी जारी है।
शराबबंदी के बावजूद धड़ल्ले से चल रहा अवैध कारोबार
बिहार सरकार ने शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू किया है, लेकिन इसके बावजूद शराब का अवैध धंधा बदस्तूर जारी है। आए दिन शराब की बड़ी खेप पकड़ी जाती है, लेकिन शराब माफिया नई तरकीबों से पुलिस को चकमा देकर अपने कारोबार को जारी रख रहे हैं। वैशाली जिले में हुए इस हमले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि शराब माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और कानून-व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं।