वैशाली जिले में भोजपुरी गायक खेसारी लाल यादव की चुनावी रैली में शामिल होने गए युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई है। यह मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंच गया है। गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करने में लापरवाही बरतने और परिजनों से अभद्र व्यवहार करने के आरोप में जुड़ावनपुर थानेदार पुरुषोत्तम कुमार यादव को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
मृतक की पहचान पहाड़पुर गांव निवासी 20 वर्षीय अमोद ठाकुर, पिता शिवजी ठाकुर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि 2 नवंबर की शाम अमोद घर से जुड़ावनपुर में आयोजित खेसारी लाल यादव की चुनावी जनसभा देखने गया था, लेकिन उसके बाद वह लापता हो गया। उसका मोबाइल फोन भी बंद आने लगा।
परिजनों ने बताया कि अमोद उस रैली में शामिल हुआ था। छह दिन बाद, 8 नवंबर को, पहाड़पुर दियारा इलाके में एक पुलिया के नीचे जमीन में दबा हुआ उसका शव बरामद हुआ। शव से बदबू आने पर स्थानीय लोगों ने देखा कि कुत्ते शव को नोच रहे थे, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
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जानकारी के मुताबिक, अमोद असम की एक मार्बल फैक्ट्री में काम करता था और छठ पर्व मनाने के लिए घर आया हुआ था। वह चार भाइयों में तीसरा था और छह महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी। जिस दिन वह गायब हुआ, उसी दिन वह ससुराल से अपने घर पहाड़पुर लौटा था और खेसारी लाल यादव की रैली में जाने की बात कहकर घर से निकला था।
पुलिस अधीक्षक (SP) ललित मोहन शर्मा ने बताया कि जब परिजन अपने बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए जुड़ावनपुर थाने पहुंचे थे, तब थानेदार ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और शिकायत दर्ज करने में लापरवाही बरती। इसी कारण थानेदार को लाइन हाजिर कर दिया गया है। शव मिलने के बाद इलाके में दहशत फैल गई है। मृतक के शरीर पर सोने की चेन और अंगूठी थी, जिससे लूटपाट के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है। एफएसएल टीम ने मौके से सैंपल एकत्र किए हैं।
शव को गड्ढे से निकालकर मेडिकल बोर्ड की निगरानी में हाजीपुर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। SP ललित मोहन शर्मा ने बताया कि मामले की गहराई से जांच के लिए सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की गई है। उन्होंने कहा कि “पुलिस जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार करेगी।”