हाजीपुर जिले में नवजात शिशु की खरीद-बिक्री की साजिश को पुलिस ने नाकाम कर दिया। चाइल्ड हेल्पलाइन और पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय की टीम ने संयुक्त रूप से छापामारी कर बच्चे को रेस्क्यू किया और उसे बाल कल्याण समिति को सौंप दिया। यह मामला एसडीओ रोड स्थित आरके हॉस्पिटल का है, जहां महज 1-2 दिन के नवजात शिशु को बेचे जाने की सूचना मिली थी।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई छापामारी
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को चाइल्ड हेल्पलाइन वैशाली एवं बाल संरक्षण पदाधिकारी को गुप्त सूचना मिली कि हाजीपुर के आरके हॉस्पिटल में एक नवजात शिशु की बिक्री की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाल संरक्षण पदाधिकारी ने तुरंत इसकी सूचना वरीय पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय को दी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) की एक विशेष टीम गठित की गई। इसके बाद पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने संयुक्त रूप से हॉस्पिटल में छापामारी की और नवजात को सुरक्षित रेस्क्यू किया। उसके बाद बच्चे को बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया, ताकि कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे उचित देखभाल मिल सके।
पुलिस कर रही है गहन जांच
पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्चा किसका है और अस्पताल तक कैसे पहुंचा? कौन लोग नवजात को खरीदने और बेचने की साजिश में शामिल थे? अस्पताल प्रशासन की इस पूरे मामले में क्या भूमिका है?
अस्पताल संचालक से हो रही पूछताछ
पुलिस ने आरके हॉस्पिटल के संचालक से गहन पूछताछ शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, इस अस्पताल में नवजात बच्चों की खरीद-बिक्री का खेल लंबे समय से चल रहा था। यही कारण है कि अस्पताल रोड पर ही आरके जांच घर और आरके अल्ट्रासाउंड सेंटर भी संचालित किया जाता है।
बीते दिनों जंगल से नवजात बच्ची का शव भी बरामद
पुलिस इस मामले को एक अन्य घटना से भी जोड़कर देख रही है। मंगलवार की देर रात नगर थाना पुलिस ने हाजीपुर के पुरानी गंडक पुल से पहले जंगल में एक नवजात बच्ची का शव बरामद किया था। इस मामले में भी पुलिस जांच कर रही है कि क्या यह नवजात शिशु की तस्करी से जुड़ा मामला हो सकता है।
कानूनी प्रक्रिया के तहत दत्तक ग्रहण में दिया जाएगा बच्चा
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा अधिसूचित दत्तक ग्रहण विनियमन 2022 के तहत रेस्क्यू किए गए नवजात शिशु को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दत्तक ग्रहण के लिए दिया जाएगा। इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी, ताकि बच्चे को सुरक्षित परिवार मिल सके।
पुलिस का सख्त रुख, होगी सख्त कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर कोई भी अस्पताल या व्यक्ति इस तरह के गैरकानूनी धंधे में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हाजीपुर में नवजात शिशुओं की तस्करी से जुड़े मामलों पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है और दोषियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।