वैशाली के वरिष्ठ नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री वृषिण सिंह पटेल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सेहत पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में जो फैसले लिए जा रहे हैं, वे खुद नीतीश कुमार नहीं ले रहे।
वैशाली से सात बार विधायक रहे और बिहार सरकार में शिक्षा मंत्री रहे वृषिण सिंह पटेल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सेहत पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जो भी फैसले अभी लिए जा रहे हैं, वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नहीं हैं।
विज्ञापन
वृषिण सिंह पटेल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें किसी भी पार्टी से निकाला नहीं गया, बल्कि उन्होंने खुद पार्टी छोड़ी थी। उन्होंने समता पार्टी बनाई थी, जिसमें से 14 सांसद चुने गए थे, जिनमें से 12 अब नहीं रहे। अब सिर्फ वे और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिंदा हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव लड़ने के लिए किसी पार्टी से टिकट की मांग नहीं की गई है। अपने भतीजे सिद्धार्थ पटेल से चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जंगे मैदान में भी गौरव और पांडव के बीच युद्ध हुआ था, लेकिन सब एक ही परिवार के थे। उनका परंपरागत क्षेत्र वैशाली विधानसभा ही रहा है। वृषिण पटेल पहली बार 1980 में चुनाव जीतकर विधायक बने थे। इस बार उन्होंने कसम खाई है कि उनके भतीजे सिद्धार्थ पटेल और कांग्रेस उम्मीदवार संजीव सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे।
बताया गया कि वृषिण पटेल ने चुनाव मैदान में उतरने से पहले कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें वैशाली विधानसभा के सभी प्रखंडों से भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं की मांग पर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया। इसबार उनका भतीजा नितिन पटेल हाजीपुर अनुमंडल कार्यालय में अपना नामांकन दाखिल करेंगे।