वैशाली जिला मुख्यालय के हाजीपुर नगर थाने की पुलिस ने एक निजी नर्सिंग होम के कमरे से एक डॉक्टर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया है। पुलिस ने तत्काल घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को दी, जिसके बाद परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक डॉक्टर की पहचान सीतामढ़ी जिले के मसाही गांव निवासी स्वर्गीय राम सुरेश सिंह के 45 वर्षीय पुत्र डॉ. रूपेश कुमार सिंह के रूप में हुई है।
पिछले 10 वर्षों से कर रहे थे प्रैक्टिस
मिली जानकारी के अनुसार, डॉ. रूपेश कुमार सिंह पिछले 10 वर्षों से हाजीपुर में निजी तौर पर प्रैक्टिस कर रहे थे। वह हाजीपुर के कई निजी नर्सिंग होम में कॉल पर मरीजों को देखने जाते थे। बताया गया है कि बुधवार की शाम मृतक डॉक्टर मरीज देखकर जोहरी बाजार स्थित निजी नर्सिंग होम में अपने कमरे में आ गए थे। गुरुवार सुबह 11 बजे, एक मरीज को देखने के लिए कंपाउंडर द्वारा डॉक्टर को लगातार फोन किया जा रहा था, लेकिन फोन रिसीव नहीं हो रहा था।
दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे लोग
कंपाउंडर डॉक्टर के जोहरी बाजार स्थित कमरे पर पहुंचा। उसने देखा कि कमरे का बाहर वाला गेट बंद है। कंपाउंडर ने काफी देर तक गेट खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। तब उसने नर्सिंग होम के संचालक को इसकी सूचना दी। नर्सिंग होम के संचालक और कंपाउंडर ने मिलकर गेट तोड़ा और कमरे में दाखिल हुए, तो देखा कि डॉ. रूपेश मृत पड़े थे। नर्सिंग होम के संचालक ने तत्काल घटना की सूचना नगर थाने की पुलिस को दी।
पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर
सूचना मिलते ही नगर थाने की पुलिस और एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच-पड़ताल में जुटी हुई है।