पूर्वी चंपारण के मोतिहारी सदर अनुमंडल में पदस्थापित एसडीओ अरुण कुमार से 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में एसटीएफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी, सीवान जिले के मैरवा निवासी एवं खुद को समाजसेवी बताने वाले राजन जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को तकनीकी जांच के आधार पर मोकामा के समीप वंदे भारत एक्सप्रेस से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मोतिहारी पुलिस के हवाले कर दिया गया।
व्हाट्सएप कॉल कर तबादला कराने का दिया झांसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी ने व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के माध्यम से मोतिहारी सदर एसडीओ अरुण कुमार से संपर्क कर तबादला कराने का झांसा दिया। इसके एवज में उसने 25 लाख रुपये की मांग की। आरोप है कि रुपये नहीं देने पर उसने एसडीओ को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी। लगातार आ रहे धमकी भरे संदेशों से परेशान होकर एसडीओ ने पूरे मामले की शिकायत मोतिहारी साइबर थाना में दर्ज कराई।
डिजिटल जांच से खुला राज, एसटीएफ ने ऐसे बिछाया जाल
शिकायत दर्ज होने के बाद साइबर थाना पुलिस ने मामले की तकनीकी जांच शुरू की। मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप कॉल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान आरोपी की लोकेशन और गतिविधियों का पता चला। इसके बाद बिहार एसटीएफ को कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई। एसटीएफ की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर मोकामा के पास वंदे भारत एक्सप्रेस से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में खुल सकते हैं कई बड़े राज
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की बात सामने आ रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने अकेले रंगदारी की साजिश रची थी या उसके साथ अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसने अन्य सरकारी अधिकारियों या आम लोगों को भी इसी तरह निशाना बनाया था या नहीं।
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नेटवर्क की पड़ताल में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आरोपी के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी गहन जांच की जा रही है, ताकि इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।