इन तस्वीरों की हो रही है जांच।
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बेतिया जीएनएम प्रशिक्षण कॉलेज के निलंबित प्रभारी प्राचार्य की मुश्किलें धीरे-धीरे बढ़ती जा रही हैं। निलंबित प्राचार्य मनीष कुमार जायसवाल की संदिग्ध तस्वीरों की जांच अब साइबर एक्सपर्ट की टीम कर रही है। मनीष ने अपनी सफाई में कहा था कि वायरल तस्वीर को एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से एडिट किया गया है। हालांकि, एक्सपर्ट की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि तस्वीर असली है या एडिट की गई है।
सदर एसडीपीओ विवेक दीप ने बताया कि निलंबित प्राचार्य मनीष कुमार जायसवाल से 6 घंटे की पूछताछ के बाद पीआर बॉन्ड पर उन्हें रिहा कर दिया गया था। छात्राओं ने प्राचार्य पर आरोप लगाया है कि उन्होंने कार्यालय में शराब पी, स्टाफ से मसाज करवाई और शाम होने पर हॉस्टल में प्रवेश नहीं करने दिया। छात्राओं ने प्राचार्य के शराब पीने और मसाज कराने की तस्वीरें भी पुलिस को सौंपी थीं। हालांकि, मनीष कुमार ने इन तस्वीरों को एडिट बताया है।
बता दें कि 22 अगस्त को जीएनएम प्रशिक्षण कॉलेज की कई छात्राओं ने प्रभारी प्राचार्य मनीष कुमार जायसवाल पर गंभीर आरोप लगाए थे। छात्राओं का आरोप था कि प्राचार्य हॉस्टल के कॉरिडोर में उनकी शर्ट पहनकर घूमने की तस्वीरों को जूम करके देखते थे। इन शिकायतों के बाद डीएम ने मनीष कुमार को निलंबित कर दिया था और पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। फिलहाल, मामले की जांच जारी है, तस्वीर की सत्यता की पुष्टि के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।