पूर्वी चंपारण जिले के छोटे से गांव बलवा के एक युवा ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। साइबर सुरक्षा शोधकर्ता गौरव कुमार पांडे का नाम भारत सरकार की राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In (इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम) के प्रतिष्ठित Hall of Fame में दर्ज किया गया है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल पूर्वी चंपारण बल्कि पूरे बिहार में गर्व का माहौल है।
कृषि विभाग के पोर्टल में खोजी बड़ी सुरक्षा खामी
गौरव कुमार पांडे ने बिहार सरकार के कृषि विभाग के पोर्टल में मौजूद एक गंभीर सुरक्षा खामी का पता लगाया था। बताया गया कि इस खामी का फायदा उठाकर साइबर अपराधी किसानों की संवेदनशील जानकारी जैसे बैंक खाता संख्या और आधार से जुड़ी सूचनाओं तक पहुंच सकते थे। गौरव ने जिम्मेदारी का परिचय देते हुए इस तकनीकी कमी की जानकारी संबंधित विभाग को दी, जिसके बाद पोर्टल की सुरक्षा को और मजबूत किया गया। जानकारी के अनुसार उन्होंने हाल ही में एक और तकनीकी खामी की ओर भी विभाग का ध्यान आकर्षित किया है।
गांव से शुरू हुआ सफलता का सफर
गौरव की सफलता की कहानी किसी बड़े शहर या महंगे संस्थान से नहीं, बल्कि सीमित संसाधनों वाले ग्रामीण परिवेश से शुरू हुई है। बचपन से ही तकनीक में रुचि रखने वाले गौरव ने खुद से पढ़ाई करते हुए कोडिंग, वेब डेवलपमेंट और साइबर सुरक्षा की बारीकियां सीखी। इंटरनेट और ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म की मदद से उन्होंने इस क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई और लगातार सीखते हुए आगे बढ़ते रहे।
एथिकल हैकर के रूप में बनाई पहचान
आज गौरव कुमार पांडे एक एथिकल हैकर और साइबर रिसर्चर के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनका मानना है कि साइबर सुरक्षा का उद्देश्य किसी सिस्टम को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि उसकी कमजोरियों को पहचानकर उसे सुरक्षित बनाना है।
उनकी उपलब्धि यह साबित करती है कि प्रतिभा कभी भी संसाधनों की मोहताज नहीं होती।
परिवार और दादाजी को दिया सफलता का श्रेय
गौरव अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को देते हैं। उन्होंने कहा कि माता-पिता, भाई और परिवार के अन्य सदस्यों का सहयोग हमेशा उनके साथ रहा, जिसने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। गौरव ने बीएसएफ से सेवानिवृत्त सब-इंस्पेक्टर अपने दादाजी कामेश्वर पांडे को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि दादाजी से ही उन्होंने अनुशासन, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा की भावना सीखी है।
ग्रामीण युवाओं के लिए बेहतर अवसरों की मांग
गौरव ने सरकार और शैक्षणिक संस्थानों से अपील की है कि ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली युवाओं को तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि गांवों के युवाओं को सही मार्गदर्शन और पर्याप्त संसाधन मिलें तो वे भी देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।