बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने देर रात सीतामढ़ी सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्था का जायजा लिया। सांसद देवेश चंद्र ठाकुर के आवास पर आयोजित एक निजी कार्यक्रम से लौटते समय स्वास्थ्य मंत्री का काफिला अचानक सदर अस्पताल परिसर में पहुंच गया। मंत्री के अचानक अस्पताल पहुंचने की खबर मिलते ही अस्पताल प्रशासन, ड्यूटी पर तैनात कर्मियों और सुरक्षा गार्डों में हड़कंप मच गया।
मरीजों ने मंत्री से की कई शिकायतें
औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल की कई प्रशासनिक खामियां और बुनियादी सुविधाओं की कमी सामने आई। मरीजों के परिजनों ने स्वास्थ्य मंत्री से सीधे शिकायत करते हुए बताया कि अस्पताल में पीने के पानी यानी प्याऊ की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। वहीं, आपात स्थिति में एंबुलेंस सेवा लेने के लिए भी मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर मामला चिकित्सकों की अनुपस्थिति का सामने आया। ड्यूटी रोस्टर में नाम दर्ज होने के बावजूद कई चिकित्सक अपने निर्धारित कक्ष में मौजूद नहीं मिले। मरीजों ने यह भी शिकायत की कि सामान्य बीमारियों के मामलों में भी कई बार बिना किसी ठोस चिकित्सीय कारण के मरीजों को दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है। इसके चलते मरीजों और उनके परिजनों को निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ता है।
गंदगी और गंदी चादरें देखकर नाराज हुए मंत्री
अस्पताल के विभिन्न वार्डों में गंदगी, बेड पर गंदी चादरें और रखरखाव की कमी देखकर स्वास्थ्य मंत्री काफी नाराज हुए। उन्होंने मौके पर मौजूद सिविल सर्जन और सदर अस्पताल के अधिकारियों को सख्त लहजे में फटकार लगाई।
सुधार नहीं हुआ तो निलंबन की चेतावनी
स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि तय समयसीमा के भीतर अगर अस्पताल की व्यवस्था में सुधार नहीं दिखाई दिया तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और अस्पताल की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए अधिकारियों को गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए।
आयुर्वेदिक अस्पताल की हालत भी मिली खराब
सदर अस्पताल का निरीक्षण पूरा करने के बाद स्वास्थ्य मंत्री का काफिला गुदड़ी रोड स्थित शासकीय आयुर्वेदिक अस्पताल पहुंचा। वहां भी स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। अस्पताल के भवनों और उपलब्ध संसाधनों की खराब स्थिति को देखकर मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने आयुर्वेदिक अस्पताल में तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने और आयुर्वेदिक चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
औचक निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
देर रात स्वास्थ्य मंत्री के इस औचक निरीक्षण के बाद सीतामढ़ी के साथ-साथ आसपास के जिलों के स्वास्थ्य विभाग में भी हलचल बढ़ गई है। प्रशासनिक अधिकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। मंत्री के निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों के बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की आशंका भी बढ़ गई है।