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Bihar: 694 की जगह 54 बच्चे! एमडीएम में फर्जी हाजिरी का खेल, प्रधानाध्यापक पर 4.81 लाख रुपये का जुर्माना

Thu, 11 Dec 2025 08:48 PM IST
तिरहुत ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी

सार

सीतामढ़ी के बाजपट्टी प्रखंड के मध्य विद्यालय रतवारा में मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम) में गड़बड़ी का मामला सामने आया। प्रधानाध्यापक ने बच्चों की उपस्थिति वास्तविक संख्या से कई गुना अधिक दिखाकर योजना की राशि की अनियमित निकासी की।
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मध्याह्न भोजन योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बाजपट्टी प्रखंड के मध्य विद्यालय रतवारा में मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम) में गड़बड़ी सामने आने के बाद विभाग ने प्रभारी प्रधानाध्यापक पर कड़ी कार्रवाई की है। जांच में यह सामने आया कि विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति वास्तविक संख्या से कई गुना अधिक दिखाकर योजना की राशि की अनियमित निकासी की गई। विभागीय जांच के बाद प्रधानाध्यापक पर कुल 4,81,334 रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है।
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एमडीएम डीपीओ मनीष कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि स्कूल में बच्चों की बढ़ी हुई संख्या दिखाकर न सिर्फ खाद्यान्न की अनियमित खपत दिखी, बल्कि परिवर्तन मूल्य की राशि का भी दुरुपयोग किया गया। स्पष्टीकरण मांगे जाने के बावजूद प्रधानाध्यापक संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिसके कारण यह सख्त कदम उठाया गया।

जांच रिपोर्ट के अनुसार विद्यालय में कई अनियमितताएं पाई गईं। डीपीओ श्री सिंह ने बताया कि 19 नवंबर को औचक निरीक्षण में प्रधानाध्यापक अनुपस्थित पाए गए और स्कूल में पढ़ाई पूरी तरह ठप थी। निरीक्षण की सूचना मिलते ही प्रभारी प्रधानाध्यापक ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया, जिससे किसी भी पंजी का सत्यापन नहीं हो सका। उस दिन विद्यालय में केवल 54 छात्र ही उपस्थित थे, जबकि पिछले छह दिनों का औसत उपस्थिति 694 छात्रों का दिखाया गया था। यह अंतर सीधे-सीधे अनियमितता और अधिक निकासी की पुष्टि करता है।
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इसके बाद 21 नवंबर को जिला एमडीएम समन्वयक की टीम द्वारा की गई जांच में भी प्रधानाध्यापक अनुपस्थित पाए गए। रसोइयों से पूछताछ में पता चला कि 40 किलो चावल पकाया गया, जबकि मौके पर वास्तविक रूप से मात्र 10 किलो चावल ही पाया गया, जिससे खाद्यान्न की भारी गड़बड़ी प्रमाणित हुई।

पढ़ें: 10वीं बार CM बनने के बाद नीतीश कुमार का पहला चंपारण दौरा, योजनाओं को लेकर किया निरीक्षण

पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए स्थापना सह एमडीएम डीपीओ ने प्रधानाध्यापक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) से की। लगाए गए जुर्माने में 1,52,640 रुपये खाद्यान्न की राशि और 3,28,694 रुपये 40 पैसे परिवर्तन मूल्य की राशि शामिल है। प्रधानाध्यापक को निर्देश दिया गया है कि वे निर्धारित समय के भीतर कुल राशि बिहार राज्य मध्याह्न भोजन योजना समिति, सीतामढ़ी के निर्दिष्ट खाते में जमा करें और जमा किए जाने का साक्ष्य जिला कार्यालय को उपलब्ध कराएं। विभाग ने इसे बच्चों के हितों से जुड़ा संवेदनशील मामला मानते हुए स्पष्ट किया कि एमडीएम योजना में किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़ा या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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इस मामले में प्रखंड साधन सेवी की कमजोर अनुश्रवण को भी विभाग ने गंभीर माना है। निरीक्षणों में बार-बार मिली अनियमितताओं के बावजूद उचित रिपोर्टिंग और निगरानी न होने पर उनके मासिक मानदेय से नवंबर 2025 से 10 प्रतिशत राशि की कटौती का आदेश दिया गया है। साथ ही जिले के सभी विद्यालयों में एमडीएम संचालन की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए गृहवार सर्वेक्षण कराने का निर्णय लिया गया। डीपीओ ने कहा कि मध्याह्न भोजन योजना बच्चों के पोषण और उपस्थिति बढ़ाने के लिए चलाई जाती है। ऐसे में यदि कोई पदाधिकारी या कर्मचारी इस योजना में हेराफेरी करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई निश्चित है।
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