तेजस्वी यादव के साथ विधायक फैसल रहमान
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बिहार की सियासत में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक संदेश देखने को मिला है। बिहार विधानसभा की 19 समितियों का गठन कर दिया गया है, जिसमें कई ऐसे चेहरों को अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिन्होंने राज्यसभा चुनाव के दौरान अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा को फायदा पहुंचाया था।
संकल्प समिति का बनाया गया अध्यक्ष
विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार की मंजूरी के बाद समितियों के अध्यक्षों और सदस्यों की सूची जारी कर दी गई है। सबसे ज्यादा चर्चा राजद विधायक फैसल रहमान को लेकर हो रही है। ढाका से राजद विधायक फैसल रहमान को गैर सरकारी विधेयक एवं संकल्प समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। सूत्रों की मानें तो उन्हें भाजपा कोटे से यह जिम्मेदारी दी गई है।
राज्यसभा चुनाव के दौरान वोटिंग से थे गायब
गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान फैसल रहमान वोटिंग में शामिल नहीं हुए थे। उस वक्त उन्होंने अपनी मां की गंभीर बीमारी का हवाला दिया था। उन्होंने बताया था कि अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें दिल्ली जाना पड़ा, जिससे वे मतदान में भाग नहीं ले सके। अब रहमान को विधानसभा समिति में अध्यक्ष बनाना बड़ा सियासी संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
31 मार्च 2027 तक रहेगा कार्यकाल
बता दें कि इन सभी समितियों का गठन वित्त वर्ष 2026-27 के लिए किया गया है, जिनका कार्यकाल 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक रहेगा। नियम समिति के अध्यक्ष स्वयं विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार होंगे। इस समिति में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी को सदस्य बनाया गया है।
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सामान्य प्रयोजन समिति का भी गठन
इसके अलावा सामान्य प्रयोजन समिति का गठन भी इन्हीं नेताओं के साथ किया गया है, जिसमें अध्यक्ष के रूप में स्पीकर और सदस्य के रूप में दोनों उपमुख्यमंत्री तथा संसदीय कार्य मंत्री शामिल रहेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले ने बिहार की सियासत में नए समीकरणों और अंदरूनी रणनीतियों की चर्चा को और तेज कर दिया है।