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Bihar News : अफरातफरी थमी तो मौतों पर रोने की आवाज गूंजी; मुजफ्फरपुर के अस्पताल में आग, मौके पर मुआवजा

Thu, 04 Jun 2026 08:14 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर पटना

सार

Bihar Fire : रात करीब ढाई बजे से सुबह पांच बजे तक मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में अफरातफरी की स्थिति बनी हुई रही। फिर उसके बाद अस्पताल के बाहर सायरन और परिसर में परिजनों के रोने की आवाज गूंजती रही।
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नीचे के तल्लों पर रहे मरीजों को लेकर निकले परिजन। - फोटो : amar ujala digital
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विस्तार
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ब्रह्पुरा इलाका सायरन की आवाज से गूंजने लगा तो लोगों की रातों की नींद छिन गई। अस्पताल के कारण कभी-कभी सायरन की आवाज रात में आती भी थी, लेकिन गुरुवार को सूर्योदय से पहले इतनी आवाजें थीं कि लोग घरों से बाहर निकल आए। सुबह सात बजे के बाद आवाजाही देखने वाली सड़क कई घंटे पहले ही जागी हुई थी। बदहवास लोगों को देख रही थी। चीख-पुकार की आवाज प्रसाद हॉस्पिटल से आती हुई एम्बुलेंस तक जा रही थी। लेकिन, पांच बजे के बाद जहां एक तरफ अस्पताल के बाहर एम्बुलेंस और बाकी वाहनों की आवाजाही की आवाज थी तो परिसर के अंदर अपने लोगों की मौत पर चीखती महिलाओं का क्रंदन गूंज रहा था। अब तक, औराई के 30 वर्षीय शशांक कुमार, कथैया की गीता देवी और तरियानी-शिवहर के 57 वर्षीय उदय कुमार, कृष्ण नंदन और चंचला कुमारी के शव की पहचान हो सकी है।

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मार देलई हो बाबू... अस्पताल पर बड़ा आरोप
चौथे तल्ले के नीचे के मरीजों में भी अफरातफरी मची थी, लेकिन परिजन इन्हें धीरे-धीरे निकाल कर अपने दूसरे सहारों की तरफ निकल लिए। असल परेशानी पांचवें तल्ले पर आईसीयू में भर्ती मरीजों के परिजनों की थी। करीब दो घंटे तक तो यही पता नहीं चल पा रहा था कि कौन बचा और किसकी हालत कैसी है? जो लोग बेसुध अवस्था में साढ़े चार बजे के आसपास निकाले गए, उन्हें मृत बताए जाने से भी अफरातफरी मची। मौतों के साथ मुआवजे की मांग भी उठने लगी। हालांकि, जिनके परिजनों के शव सामने थे- वहां महिलाएं रो-रोकर बार-बार यह कहे जा रही थीं- मार देलई हो बाबू...। मतलब, अस्पताल ने मार दिया। बात कर रहे परिजनों ने कहा कि अस्पताल में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम होते तो इतना कुछ नहीं होता और घटना के बाद भी अस्पताल के कर्मचारी अपनी जान बचाने में ज्यादा परेशान रहे।
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परिजनों के मृतकों को मुआवजा का निर्देश आया
मौके पर लोग परिजनों के लिए मुआवजे की मांग कर रहे थे। आठ बजे तक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से सीधा निर्देश आ गया। डीएम सुब्रत कुमार ने इसकी जानकारी दी कि मुआवजा मौके पर ही दिया जा रहा है। अब तक पांच मौतों की पुष्टि हुई है। शॉर्ट सर्किट से आग की सूचना है, फिर भी कारण और लापरवाही की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम बनाई गई है।

चार लाख के मदद देगी बिहार सरकार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने से व्यक्तियों की मृत्यु अत्यंत दुःखद है। शोक-संतप्त परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा परिजनों को इस कठिन समय में संबल दें। मृतकों के परिजनों को अविलंब 4-4 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान प्रदान करने का निर्देश दिया गया है। स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है तथा घायलों के उपचार हेतु सदर अस्पतालों में समुचित व्यवस्था की गई है।

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