नेपाल आने वाले भारतीय और अन्य विदेशी पर्यटकों की सुविधा के लिए सीमा पर एक बड़ी और आधुनिक डिजिटल व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी गई है। बिहार के सीतामढ़ी जिले से सटे भिट्ठामोर-जलेश्वर बॉर्डर पर इस नई व्यवस्था के तहत अब पर्यटकों को भंसार (कस्टम) की प्रक्रिया पूरी करने के लिए लंबी कतारों या जटिल कागजी औपचारिकताओं से नहीं गुजरना पड़ेगा।
इस नई तकनीक के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सीमा क्षेत्र और भंसार कार्यालय के पास जगह-जगह क्यूआर स्कैनर के पोस्टर लगाए गए हैं। इसके साथ ही भारत स्थित भिट्ठामोर कस्टम कार्यालय में भी यह स्कैनर पोस्टर लगाया गया है, ताकि यात्रियों को इसकी पूर्व जानकारी मिल सके। इस आधुनिक डिजिटल प्रणाली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि भारत में रहने वाले लोग भी सीमा पार करने से पहले अपने घर बैठे या रास्ते में कहीं से भी इस फॉर्म को ऑनलाइन माध्यम से आसानी से भर सकते हैं। इससे सीमा पर पहुंचने के बाद लगने वाले समय की काफी बचत होगी और यात्रा अधिक सुगम हो जाएगी।
नेपाल सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया
अक्सर नेपाल आने वाले पर्यटकों को भंसार शुल्क का भुगतान करते समय भारतीय और नेपाली मुद्रा के विनिमय (करेंसी एक्सचेंज) को लेकर काफी असुविधा होती थी। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए नेपाल सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है, जिससे डिजिटल भुगतान के जरिए मुद्रा विनिमय का झंझट काफी हद तक समाप्त हो जाएगा।
पर्यटकों की हरसंभव सहायता करने के निर्देश